नई दिल्ली:- दुनियाभर में हर रोज बड़ी संख्या में सड़क हादसे होते हैं। जिनमें कार सवार लोगों को भी काफी ज्यादा चोट लगती है। कारों में Airbag जैसे बेहतरीन सेफ्टी फीचर होने के बाद भी हादसे के समय ज्यादा गंभीर चोट लगने का खतरा क्यों होता है। हम इसकी जानकारी आपको इस खबर में दे रहे हैं।
कारों में सफर को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए कंपनियों की ओर से Airbag ऑफर किए जाते हैं। कुछ कारों में दो तो कई कारों में सात से ज्यादा एयरबैग भी दिए जाते हैं। वहीं कुछ कंपनियों की ओर से अपनी कारों में स्टैंडर्ड तौर पर छह एयरबैग दिए जाते हैं। हादसे के समय एयरबैग को एक जीवन रक्षक के तौर पर माना जाता है। लेकिन अगर कुछ लापरवाही बरती जाएं तो फिर Airbag के कारण गंभीर चोट लगने का खतरा भी बढ़ जाता है।
वैसे तो कार में सफर करने से पहले ही सीटबेल्ट लगाना काफी जरूरी होता है। लेकिन अगर आपकी कार में एयरबैग हैं तो फिर सीटबेल्ट का उपयोग करना और भी जरूरी हो जाता है। कई बार सीटबेल्ट न लगाने के कारण हादसे के समय एयरबैग नहीं खुलते हैं और इससे कार सवार को ज्यादा चोट लग जाती है। इसलिए कार में सफर को शुरू करने से पहले सीटबेल्ट लगाना काफी जरूरी होता है।
अक्सर लोग सफर के दौरान डैशबोर्ड पर पैर रख लेते हैं। हादसे के समय ऐसा करना और भी खतरनाक हो सकता है। अगर डैशबोर्ड पर पैर रखकर सफर किया जाए और अचानक हादसा हो जाए तो फिर एयरबैग खुलते हैं, जिस कारण यात्री के पैर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोट लगने का खतरा हो जाता है।
कार में सफर के दौरान सिर्फ यात्रियों को ही नहीं बल्कि ड्राइवर को भी एयरबैग वाली कारों में कुछ बातों का ध्यान रखना काफी जरूरी होता है। अगर हादसे के समय एयरबैग से पूरी सुरक्षा चाहते हैं, तो फिर स्टेयरिंग को नौ और तीन की स्थिति में पकड़ना चाहिए।
