नई दिल्ली :– प्रदेश में पछुआ हवा के कारण मौसम शुष्क रहेगा। अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में थोड़ी वृद्धि की संभावना है, जबकि 72 घंटों में अधिकतम में तीन से चार डिग्री व न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री वृद्धि की संभावना है। पछुआ के कारण सुबह-शाम मौसम शुष्क होने के साथ गुलाबी ठंड का प्रभाव बना रहेगा।मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में इराक के आसपास और दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी में स्थित है। हालांकि, इसका प्रभाव प्रदेश के ऊपर कुछ खास नहीं पड़ेगा। थोड़ा असर पड़ सकता है।बांका में दर्ज हुआ सबसे कम न्यूनतम तापमानबीते 24 घंटों के दौरान पटना समेत 25 शहरों के न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना का न्यूनतम तापमान 17.0 डिग्री सेल्सियस, जबकि 11.9 डिग्री सेल्सियस के साथ बांका में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।बक्सर में 33 डिग्री के पार पहुंचा पारापटना का अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि 33.5 डिग्री सेल्सियस के साथ बक्सर में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।बीते 24 घंटों के दौरान दरभंगा, खगड़िया, मधेपुरा, सुपौल, फारबिसगंज को छोड़ कर पटना सहित जिलों के तापमान में वृद्धि दर्ज की गई।प्रदेश का अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस से लेकर 32.6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस से 18.7 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। पटना सहित आसपास इलाकों का मौसम शुष्क बना रहा।प्रमुख शहरों का तापमानशहर अधिकतम(तापमान डिग्री सेल्सियस में)न्यूनतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में)पटना 31.2 17.0गया 32.3 13.6भागलपुर 30.5 15.7मुजफ्फरपुर 29.0 18.2बक्सर : गेंहू की फसल पर मौसम की मार, किसानों की बढ़ी चिंताजिले में गेहूं की फसल पर मौसम की प्रतिकूलता का खतरा मंडरा रहा है। तेज धूप और बढ़ते तापमान से फसल को नुकसान हो रहा है, जिसके चलते बाली का आकार छोटा रह रहा है और दाने पुष्ट नहीं हो पाएंगे। इससे उत्पादन में कमी और दानों का वजन घटने की आशंका है, जिसने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।मेहनत और खर्च के बावजूद प्रकृति का मिजाज फसल के पक्ष में नहीं दिख रहा। 20 दिसंबर के बाद बोई गई फसलों पर इसका असर ज्यादा होगा और उत्पादन में 25 प्रतिशत तक की गिरावट संभव है।तेज धूप से गेहूं के दाने असमय पक रहे हैं, बाली छोटी रह रही है, और सूर्य की तपिश में फसल जल्द सूख रही है, जिससे दाने पतले हो जाएंगे। किसानों को सलाह दी गई है कि खेतों में पटवन करें और पोटैशियम क्लोराइड का छिड़काव करें ताकि नुकसान को कम किया जा सके।डॉ. देवकरण, कृषि विज्ञान केंद्र प्रमुखदिसंबर के अंतिम सप्ताह या उसके बाद बोई गई फसलों पर प्रभाव अधिक होगा, जबकि बाली पूरी तरह लग चुके खेतों में प्रति एकड़ एक किलो पोटैशियम क्लोराइड को 100 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव जरूरी है। पीएम
