नई दिल्ली:- किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन्हीं योजनाओं में से पीएम कुसुम योजना है, इस योजना के तहत राज्य सरकार की ओर से किसानों को 75 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जा रहा है। लेकिन सोलर पंप पर सब्सिडी के लिए अब राज्य सरकार ने खेत में माइक्रो इरिगेशन सिस्टम लगाने को अनिवार्य कर दिया है। माइक्रो इरिगेशन के तहत बूंद-बूंद सिंचाई या टपक सिंचाई, ड्रिप सिंचाई व फव्वारा सिंचाई आती हैं। प्रदेश में गिरते भूजल स्तर को देखते हुए राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि उन्हीं किसानों को सोलर ऊर्जा सोलर पंप पर सब्सिडी (subsidy) दी जाएगी जिन्होंने अपने खेत में माइक्रो इरिगेशन सिस्टम लगवा रखा होगा।
सोलर पंप पर कितनी मिलेगी सब्सिडी
राज्य सरकार की ओर से किसानों को 3 एचपी से लेकर 10 एचपी तक के सोलर पंप पर सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसके तहत किसानों को सोलर पंप की लागत पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी यानी किसान 25 प्रतिशत राशि खर्च करके अपने खेत में सोलर पंप पर लगवा सकते हैं। इसके अलावा किसानों को ड्रिप सिंचाई व फव्वारा सिंचाई के लिए भी अनुदान दिया जाता है। वहीं किसानों को सोलर पंप लगाने पर कमाई का मौका भी दिया जा रहा है। किसान सोलर पंप लगवाकर इससे अपने उपयोग की बिजली का उत्पादन करने के बाद अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर पैसा कमा सकते हैं। किसानों से निर्धारित दर से बिजली की खरीद की जाएगी।
किस आधार पर दिया जाएगा योजना का लाभ
राज्य में 3 एचपी से लेकर 10 एचपी तक के सोलर पंप पर सब्सिडी दी जाएगी। इस योजना के तहत लघु व सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए इस वर्ष लक्षित लाभार्थियों का चयन परिवार की वार्षिक आय व भूमि धारण के आधार पर किया जाएगा। लाभार्थी के चयन के बाद किसान को कंपनी का चयन करके अपने हिस्से की राशि जमा करानी होगी। जिसकी सूचना किसान को मोबाइल एवं विभाग की वेबसाइट के माध्यम से प्राप्त होगी।
योजना के तहत कैसे किया जाएगा लक्षित लाभार्थी का चयन
हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण के सर्वेक्षण के अनुसार उन गांवों में जहां भूजल स्तर 100 फीट से नीचे चला गया है वहां सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली की व्यवस्था अनिवार्य रखी गई है। वहीं अन्य किसानों को भूमिगत पाइप लाइन या सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को लगाना अनिवार्य होगा। धान उगाने वाले किसान जिनके क्षेत्र में एच.डब्ल्यू.आर.ए. की रिपोर्ट के आधार पर भूजल स्तर 40 मीटर से नीचे गिर गया है, इस योजना के पात्र नहीं माने जाएंगे। इस साल के लक्षित लाभार्थियों का चयन परिवार की वार्षिक आय व भूमि धारण के आधार पर किया जाएगा।
किसान कैसे करें सोलर पंप पर सब्सिडी के लिए आवेदन
हरियाणा सरकार की ओर से राज्य के किसानों को खेत में फसल की सिंचाई के लिए सोलर पंप लगाने के लिए सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसके लिए हरियाणा राज्य के किसान आवेदन कर सकते हैं। सोलर पंप के लिए आवेदन 19 जनवरी से शुरू कर दिए गए हैं, राज्य के किसान इस योजना के लिए आवेदन 29 जनवरी तक कर सकते हैं। आवेदन करते समय किसानों को अपने पास जमीन फर्द, आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र व शपथ पत्र आदि दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। आवेदन से पहले किसान को यह दस्तावेज अपने पास रखने चाहिए। इस योजना में वहीं किसान आवेदन कर सकेंगे जिनके पास परिवार पहचान पत्र पर सोलर वाटर पंप का कनेक्शन व बिजली आधारित पंप न हो। योजना के तहत आपको इस योजना की आधिकारिक वेबसाइट saralharyana.gov.in पर जाकर इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
योजना की अधिक जानकारी के लिए कहां करें संपर्क
योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान विभाग की वेबसाइट hareda.gov.in विजिट करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा आप संबंधित जिले के अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में संपर्क करके योजना के संबंध में अधिक जानकारी ले सकते हैं।
