नई दिल्ली:– नई श्रम संहिता 2025 देश में कामकाज का तरीका धीरे-धीरे बदल रहा है। अब सरकार ने नई श्रम संहिता 2025 के तहत काम के घंटे और छुट्टियों को लेकर बड़े बदलाव किए हैं। इस बदलाव का मकसद कर्मचारियों की ज़िंदगी को संतुलित बनाना और काम के दबाव को कम करना है। चलिए, आसान हिंदी में समझते हैं कि नई श्रम संहिता हमारे लिए क्या बदलाव लेकर आई है।
नई श्रम संहिता 2025 : क्या है नया बदलाव?
सरकार ने यह फैसला लिया है कि अब कर्मचारियों को हफ्ते में केवल 4 दिन काम करना होगा और 3 दिन की छुट्टी मिलेगी। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कुल काम के घंटे कम हो जाएंगे।
सप्ताह में कुल 48 घंटे काम करना अनिवार्य होगा।
काम के दिनों में 12-12 घंटे काम करना होगा।
अगर कोई 5 या 6 दिन काम करना चाहता है, तो काम के घंटे उसी हिसाब से घटाए जा सकते हैं।
यह नियम कर्मचारियों और कंपनियों की आपसी सहमति से लागू होंगे।
New Labor Code 2025 : नई व्यवस्था में सैलरी और छुट्टियों पर क्या असर पड़ेगा?
जब भी काम के घंटे या छुट्टियों में बदलाव होता है, सबसे बड़ा सवाल सैलरी और छुट्टियों पर पड़ने वाले प्रभाव का उठता है।
कर्मचारियों की सैलरी में कोई कटौती नहीं होगी।
ओवरटाइम करने पर अतिरिक्त भुगतान मिलेगा।
साप्ताहिक छुट्टियां तय होंगी – 3 दिन लगातार छुट्टी का आनंद मिलेगा।
सालाना छुट्टियों में भी थोड़ा फेरबदल हो सकता है, जिससे लंबे ब्रेक लेना आसान हो जाएगा।
उदाहरण:
राम एक आईटी कंपनी में काम करता है। पहले उसे सप्ताह में 5 दिन 9-9 घंटे काम करना पड़ता था। अब नई नीति के तहत वह 4 दिन 12-12 घंटे काम करके 3 दिन का लंबा आराम कर सकता है। इससे उसे अपने परिवार के साथ ज्यादा वक्त बिताने का मौका मिलेगा।
काम के घंटे: 48 घंटे प्रति सप्ताह
छुट्टियां: 3 दिन
ओवरटाइम: 15 से 30 मिनट के बीच का भी रिकॉर्ड किया जाएगा।
सोशल सिक्योरिटी: हर कर्मचारी को ईपीएफ और ईएसआई जैसी योजनाओं का लाभ मिलेगा।
ग्रेच्युटी: सेवा अवधि में बदलाव के साथ कर्मचारियों को जल्दी ग्रेच्युटी का फायदा मिलेगा।
नियम पुरानी व्यवस्था नई व्यवस्था
काम के दिन 5-6 दिन 4 दिन (चयन योग्य)
साप्ताहिक छुट्टी 1 दिन 3 दिन
काम के घंटे लगभग 9 घंटे प्रतिदिन 12 घंटे प्रतिदिन
कुल साप्ताहिक घंटे 48 घंटे 48 घंटे
ओवरटाइम कम रजिस्ट्रेशन ज्यादा पारदर्शिता
सामाजिक सुरक्षा सीमित कर्मचारियों को लाभ सभी
आजकल की तेज रफ्तार ज़िंदगी में काम और निजी जीवन का संतुलन बिगड़ता जा रहा था। लोग काम के तनाव से जूझ रहे थे और स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ रहा था।
काम का लचीलापन बढ़ाने के लिए।
कर्मचारियों को परिवार और खुद के लिए समय देने के लिए।
कार्यस्थल पर उत्पादकता और खुशी बढ़ाने के लिए।
स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने के लिए।
एक सच्ची कहानी:
रीना एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करती है। उसे पहले काम और घर के बीच तालमेल बिठाने में बहुत दिक्कत होती थी। अब 3 दिन की छुट्टी से वह अपने बच्चों के साथ समय बिता पा रही है और उसके मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है।
नई श्रम संहिता से किसे होगा फायदा?
नई नीति से खासतौर पर उन लोगों को फायदा होगा जो बैलेंस्ड लाइफ चाहते हैं:
आईटी और कॉर्पोरेट सेक्टर के कर्मचारी
मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में काम करने वाले लोग
हेल्थकेयर और एजुकेशन सेक्टर के प्रोफेशनल्स
यह नीति उन कंपनियों के लिए भी फायदेमंद होगी जो वर्क कल्चर को बेहतर बनाना चाहती हैं और टैलेंट को लंबे समय तक बनाए रखना चाहती हैं।
