नई दिल्ली:– कुछ सालों में पब्लिक हेल्थ सेक्टर में एक चौंकाने वाला ट्रेंड निकलकर सामने आ रहा है. युवाओं में कोलन कैंसर होने की तादाद बढ़ती जा रही है. परंपरागत रूप से इससे बुजुर्ग या मिडिल एज के लोगों को परेशान करने वाली बीमारी माना जाता है, लेकिन 50 साल से कम उम्र के लोगों में इसके मामलों में वृद्धि ने मेडिकल फील्ड से जुड़े लोगों को अलर्ट कर दिया है. हालांकि इस इजाफे के सटीक कारण अभी भी साफ नहीं हैं, लेकिन चेतावनी के संकेतों को समझना समय रहते पता लगाने और इलाज के लिए जरूरी है. सीके बिड़ला हॉस्पिटल दिल्ली के सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. नीरज गोयल ने बताया कि कोलन कैंसर के कुछ लक्षणों पर जरूर ध्यान देना चाहिए.
कोलन कैंसर के सबसे खतरनाक और साफ लक्षणों में से एक मल में खून की मौजूदगी है. ये चमकीले लाल रक्त या गहरे रंग के, टार जैसे मल के रूप में दिखाई दे सकता है, जो डाइजेस्टिव ट्रैक्ट में ब्लीडिंग के इशारे देता है. मल में खून को कभी-कभी बवासीर या मामूली गैस्ट्रोइंटेस्टिनस प्रॉब्लम्स समझा जा सकता है, लेकिन इसे कभी भी नज़रअंदाज नहीं करना चाहिए. भले ही ब्लीडिंद मामूली लगे, लेकिन किसी हेल्थकेयर प्रोफेशनल से सलाह लेना जरूरी है जो स्थिति का सही मूल्यांकन कर सके और कारण का पता लगाने के लिए कोलोनोस्कोपी जैसे टेस्ट की सलाह दे सके. शुरुआती पहचान जिंदगी बचा सकती है, क्योंकि इससे कैंसर के बढ़ने से पहले इलाज मुमकिन हो जाता है.
हाल ही में शुरू हुआ कब्ज
बाउल हैबिट्स में अचानक बदलाव, खास तौर पर हाल ही में शुरू हुआ कब्ज, कोलन कैंसर का संकेत हो सकता है. जबकि कब्ज आम है और अक्सर डाइट, टेंशन या डिहाइड्रेशन के कारण होता है, लगातार या बिगड़ता हुआ मामला ट्यूमर के कारण कोलन में रुकावट का संकेत हो सकता है. ये खास तौर से चिंताजनक है अगर कब्ज के साथ पेट में दर्द या मल में खून जैसे अन्य लक्षण भी हों. जो युवा ऐसे कब्ज का सामना कर रहे हैं जिसका सही कारण पता नहीं चल रहा है, उन्हें मेडिकल एक्सपर्ट की सलाह जरूर लेनी चाहिए.
एनीमिया :एनीमिया रेड ब्लड सेल्स की कमी से पहचाना जाता है, ये एक और लक्षण है जो कोलन कैंसर का संकेत दे सकता है, खासकर जब खून की कमी के असल कारणों का पता न हो. यह स्थिति अक्सर ट्यूमर से क्रोनिक ब्लड लॉस के कारण विकसित होती है, जो तुरंत दिखाई नहीं दे सकती है. एनीमिया के लक्षणों में थकान, कमजोरी, सांस की तकलीफ और त्वचा का पीला होना शामिल हैं. अगर कोई युवा बिना किसी ठोस कारण के एनीमिया से पीड़ित है, जैसे कि हेवी मेंस्ट्रुअल ब्लीडिंग या सही डाइट की कमी, तो डॉक्टर की सलाह लेनी जरूरी है. ब्लड टेस्ट और इमेजिंग सहित जरूरी जांत, एनीमिया के सोर्स की पहचान करने और ये निर्धारित करने में मदद कर सकते हैं कि क्या कोलन कैंसर एक फैक्टर है.
बिना किसी खास वजह के वजन कम होना :अगर आपका वेट लॉस बिना किसी ठोस वजह के हो रहा है तो ये कई तरह के कैंसर का इशारा है, जिसमें कोलन कैंसर शामिल है. अगर कोई यंग एडल्ट अपनी डाइट या एक्सरसाइड की आदतों में बदलाव किए बिना काफी मात्रा में वजन कम करता है, तो आगे की जांच करना जरूरी है. कैंसर कोशिकाएं शरीर के मेटाबॉलिज्म को बदल सकती हैं, जिससे इंसान के सामान्य रूप से खाने पर भी वजन कम हो सकता है. इसके अलावा कोलन में ट्यूमर के कारण पीड़ित व्यक्ति को जल्दी पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है या उसकी भूख कम हो सकती है, जिससे वजन कम होने लगता. वजन में किसी भी अचानक या बिना साफ कारण के बदलाव के बारे में हेल्थकेयर एक्सपर्ट से चर्चा की जानी चाहिए, खासकर अगर पेट में दर्द या बाउल हैबिट्स में बदलाव जैसे अन्य लक्षण भी हों.
पेट में दर्द : लगातार और बिना किसी ठोस वजह के पेट दर्द होना कोलन कैंसर का आम लक्षण हैं. ये दर्द हल्की परेशानी से लेकर गंभीर ऐंठन तक हो सकता है और ये अन्य पाचन समस्याओं जैसे कि सूजन, गैस या बाउल हैबिट्स में बदलाव से जुड़ा हो सकता है. दर्द अक्सर आंत को बाधित करने वाले ट्यूमर या आस-पास के सेल्स में कैंसर फैलने के कारण होता है. युवा जो नए या बिगड़ते पेट दर्द को महसूस करते हैं, खासकर जब अन्य चेतावनी संकेतों के साथ, इसे एक मामूली समस्या के रूप में नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर आप शुरुआती टेस्ट कराएंगे तो इसका इलाज मुमकिन हो सकता है.
