नई दिल्ली:– यूरिक एसिड बढ़ने की वजह से सेहत को कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं, जिनमें गाउट, किडनी स्टोन, सूजन जैसी परेशानियां शामिल हैं। इसलिए शरीर में यूरिक एसिड लेवल को कम करना जरूरी है। आयुर्वेद में कई जड़ी-बूटियां (Ayurvedic Herbs for Uric Acid) हैं, जो यूरिक एसिड को नेचुरली कंट्रोल करने में मदद करती हैं। आइए जानते हैं 5 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के बारे में, जो यूरिक एसिड को कम करने में मदद कर सकते हैं।
यूरिक एसिड कम करने के लिए जड़ी-बूटियां
गिलोय
गिलोय एक ऐसी जड़ी-बूटी है, जो शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करती है। यह यूरिक एसिड के लेवल को कम करने और गाउट के लक्षणों से राहत दिलाने में असरदार है।
कैसे करें इस्तेमाल?
गिलोय का रस (10-20 मिली) सुबह खाली पेट पिएं।
गिलोय की डंडी को उबालकर काढ़ा बनाकर पी सकते हैं।
अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो यूरिक एसिड के कारण होने वाली सूजन और दर्द को कम करते हैं। यह शरीर में प्यूरीन के मेटाबॉलिज्म को भी कंट्रोल करता है।
कैसे करें इस्तेमाल?
अदरक का रस शहद के साथ मिलाकर खाएं।
अदरक की चाय बनाकर पिएं।
त्रिफला
त्रिफला (हरड़, बहेड़ा, आंवला) शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर यूरिक एसिड को कम करने में मदद करता है। यह पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखता है।
कैसे करें इस्तेमाल?
रात को 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लें।
त्रिफला का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं।
अजवाइन
अजवाइन में थाइमोल नाम का कंपाउंड होता है, जो यूरिक एसिड को घोलने में मदद करता है। यह किडनी की फंक्शनिंग बढ़ाकर यूरिक एसिड को शरीर से बाहर निकालता है।
कैसे करें इस्तेमाल?
1 चम्मच अजवाइन को गुनगुने पानी के साथ लें।
अजवाइन का पेस्ट बनाकर दर्द वाले जोड़ों पर लगाएं।
नीम
नीम में डिटॉक्सिफाइंग गुण होते हैं, जो खून साफ करते हैं और यूरिक एसिड के लेवल को कम करते हैं। यह सूजन और दर्द से भी राहत दिलाता है।
कैसे करें इस्तेमाल?
नीम की पत्तियों का रस (5-10 मिली) सुबह पिएं।
नीम की पत्तियों को उबालकर पानी पी सकते हैं।
