नई दिल्ली : – ई- कॉमर्स कंपनी अमेजन ने आने वाले फेस्टिव सीजन के लिए तैयारी तेज कर ली है। इस त्योहारी सीजन सेल को लेकर उम्मीद की जा रही है कि इस साल इसकी डिमांड में बढ़त देखने को मिल सकती है। कंपनी के ऑपरेटिंग उपाध्यक्ष अभिनव सिंह ने एक इंटरव्यू में भारत में लॉग टर्म अवसरों की बात कही है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि अमेजन इंडिया बाकी ई-कॉमर्स कंपनियों और तेजी से उभर रही कंपनियों से किस प्रकार कॉम्पीटिशन देखती है।
उन्होंने ‘‘भारी छूट” के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि एक बाजार के रूप में अमेजन मूल्य निर्धारण को नियंत्रित नहीं करती है। यह उसके मंच पर विक्रेताओं का विशेषाधिकार है। हालांकि, सिंह ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा की गई प्रतिस्पर्धा-रोधी जांच पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन जोर देकर कहा कि अमेजन कानूनों का पूरी तरह से पालन करती है।
बेहद बड़ा अवसर
उन्होंने कहा कि कंपनी भारत को एक ‘‘लॉग टर्म अवसर” के रुप में देखती है, जिसमें ‘‘बड़ी” संभावनाएं हैं और यह एक ऐसी जगह है जहां वह एक बड़ा कारोबार बनाने, लाखों विक्रेताओं को डिजिटल रूप से जोड़ने, बड़ी संख्या में ग्राहकों की सेवा करने तथा उद्यमियों का एक बड़ा सिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सिंह ने कहा, ‘‘ यह दीर्घकालिक और बेहद बड़ा अवसर है, इसे एक अरब लोगों के नजरिये से देखें, एक ऐसी अर्थव्यवस्था के साथ जो बहुत जल्द तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रही है।
डिजिटल इंडिया मिशन
इसलिए उस नजरिये से भारत के लिए बहुत कुछ हो रहा है, यह एक भारतीय के रूप में मेरे लिए बेहद आशावादी बात है और यह मुझे यहां काम करने, डिजिटल बुनियादी ढांचे को बदलने में मदद करने तथा सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन में योगदान देने के लिए वास्तव में उत्साहित करता है।”
बेहद बड़ा अवसर
उन्होंने कहा कि कंपनी भारत को एक ‘‘लॉग टर्म अवसर” के रुप में देखती है, जिसमें ‘‘बड़ी” संभावनाएं हैं और यह एक ऐसी जगह है जहां वह एक बड़ा कारोबार बनाने, लाखों विक्रेताओं को डिजिटल रूप से जोड़ने, बड़ी संख्या में ग्राहकों की सेवा करने तथा उद्यमियों का एक बड़ा सिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सिंह ने कहा, ‘‘ यह दीर्घकालिक और बेहद बड़ा अवसर है, इसे एक अरब लोगों के नजरिये से देखें, एक ऐसी अर्थव्यवस्था के साथ जो बहुत जल्द तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रही है।
डिजिटल इंडिया मिशन
इसलिए उस नजरिये से भारत के लिए बहुत कुछ हो रहा है, यह एक भारतीय के रूप में मेरे लिए बेहद आशावादी बात है और यह मुझे यहां काम करने, डिजिटल बुनियादी ढांचे को बदलने में मदद करने तथा सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन में योगदान देने के लिए वास्तव में उत्साहित करता है।”
प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष नौकरियां
उन्होंने कहा कि अमेजन इंडिया आने वाले त्योहारों से पहले अपने ‘लॉजिस्टिक्स नेटवर्क’ और पूर्ति केंद्रों के तंत्र को भी मजबूत कर रही है। बुनियादी ढांचे तथा क्षमता निर्माण का विस्तार करने का उद्देश्य आपूर्ति की गति में तेजी लाना है। अमेजन ने हाल ही में घोषणा की है कि उसने आगामी त्योहारों के लिए ग्राहकों की बढ़ती मांग को पूरा करने को अपने परिचालन तंत्र में 1,10,000 से अधिक नौकरियों (मौसमी) के अवसर सृजित किए हैं। इनमें मुंबई, दिल्ली, पुणे, बंगलुरू, हैदराबाद, कोलकाता, लखनऊ और चेन्नई जैसे शहरों में प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष नौकरियां शामिल हैं।
मूल्य निर्धारण को नियंत्रित
कंपनी पर मूल्य निर्धारण को नियंत्रित करने और भारी डिस्काउंट के आरोपों पर सिंह ने दावा किया कि एक बाजार के रूप में अमेजन प्राइस निर्धारण को कंट्रोल नहीं करती है, जो पूरी तरह से विक्रेताओं का विशेष अधिकार है। उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे यहां अनुपालन के बेहद ऊंचे मानक हैं। हम यह सुनिश्चित करते हैं कि देश के हर कानून का पालन करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करें। जहां तक मूल्य निर्धारण को नियंत्रित करने या भारी छूट (आरोपों) की बात है, हम बाजार के रूप में मूल्य निर्धारण को नियंत्रित नहीं करते हैं। विक्रेता उत्पादों की कीमत उस स्तर पर तय करते हैं जो उन्हें पसंद हो। इसलिए मेरे पास इ पर टिप्पणी करने के लिए और कुछ नहीं है।”
तंत्र व बुनियादी ढांचे को मजबूत
अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी को भारत में फ्लिपकार्ट और सॉफ्टबैंक समर्थित मीशो जैसी कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही ब्लिंकिट और जेप्टो जैसी त्वरित वाणिज्य कंपनियां भी इसे अब टक्कर दे रही हैं, जो बाजार में तेजी से से पैठ बना रही हैं। इसकी वजह यह है कि आज का व्यस्त उपभोक्ता किराने तथा कई अन्य घरेलू वस्तुओं की तत्काल आपूर्ति की सुविधा को पसंद कर रहा है। हालांकि, सिंह ने कहा कि कंपनी की रणनीति, प्रतिस्पर्धा द्वारा निर्धारित या परिभाषित नहीं की जा रही है बल्कि अमेजन का पूरा ध्यान ग्राहकों को बेहतरीन अनुभव तथा सिस्टम व बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर है।
