
ब्राजील। people here eat their dead body देश दुनिया में रहने वाले कई जनजातियों में अपना एक अलग रिति रिवाज निभाई जाती है। कई बार ऐसी जनजातियां होती है जो अजीबोगरीब रिवाज निभाते है। जिसे सुनने या देखने के बाद लोग हैरान हो जाते है। ऐसा ही एक जनजाति भी है जिसमें अजीबोगरीब रिवाज निभाई जाती है। आइए जानते है इस जनजाति के बारे में…
people here eat their dead body दरअरसल, भारत में किसी व्यक्ति की मौत के बाद उनके शव को रिवाज से अंतिम संस्कार किया जाता है और ये भारत में सदियों से चली आ रही है, जो आज भी ये रिवाज निभाई जाती है। लेकिन ब्राजील और वेनेजुएला की बॉर्डर में यानोमामी नामक जनजाति लोग रहते है। इस जनजाति के लोग अपनों की मौत के बाद उनके शरीर को सड़ा कर खाते है। बताया जा रहा है कि ये इन जनजातियों का रिवाज है और ये रिवाज सदियों से चला आ रहा है। इसके पीछे लोगों की बड़ी मान्यता है।
कहा जाता है कि यहां अपने प्रियजनों की मुक्ति के लिए उनकी ही लाश का सेवन कर लेते हैं। ये लोग जंगलों में रहते है और इस रिवाज का पालन करते है। इस जनजाति में रिवाज है कि किसी की भी मौत के बाद उनके शव को 40 से 45 दिनों किसी भी जगह सड़ने के लिए रखा जाता है और इसके बाद उनकी हड्डी का अन्य चीजों को जला दिया जाता है। जिसके बाद उसकी राख को केले में मिलाकर इसका सूप बनाकर पूरे गांव में बांटा जाता है। पूरे गांव इस सूप को पीते है।
बता दें कि यहां इस जनजाति में 200 से 250 गांव रहती है और 35 हजार से ज्यादा इस जनजाति के लोग रहते है। बताया जाता है कि यहां ये परंपरा है कि लोगों के मौत के बाद उनके लाश को सड़ा कर उसका सूप पीने से मृतक की आत्मा को शांति मिलती है। साथ ही लाश की राख से बने सूप को पीने से उनके अंदर शक्ति और ताकत भी बढ़ती है।