विश्व भर में लाखों की संख्या में लोग कोरोना की चपेट में आ चुके है. जिसके बाद कोरोना से बचाव के लिए दुनियाभर में वैक्सीनेशन अभियान चलाया जा रहा है. भारत में अभी 15 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाने का कार्य किया जा रहा है. लेकिन कम उम्र के बच्चों के लिए कोरोना से बचाव का कोई तरीका नहीं निकला है. जिससे कोरोना छोटे-छोटे बच्चों को संक्रमित कर रहा है.
बच्चों में कोरोना के लक्षण अलग-अलग प्रकार के दिख रहे हैं. लेकिन कुछ लक्षण आम तौर पर सभी में देखे जा रहे हैं. बुखार, थकान, खांसी, स्वाद और गंध न आना, बच्चों में कोरोना के कुछ आम लक्षण हैं. इसके अलावा बच्चों में मल्टीसिस्टम इंफ्लामेट्री सिंड्रोम होने की भी बात सामने आई है.
डॉक्टर्स के अनुसार बच्चों के कई अंगों जैसे कि हार्ट, फेफड़ों, रक्त वाहिकाओं, किडनी, पाचन तंत्र, मस्तिष्क, स्किन या आंखों में गंभीर सूजन देखी जा रही है. हाल ही में एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ओमिक्रोन की वजह से 5 साल की उम्र तक के बच्चों में कुक्कर खांसी की समस्या देखी जा रही है.
बच्चों का ख्याल रखना जरूरी
इतना ही नहीं, जो बच्चे कोरोना की चपेट में आ रहे हैं उनके श्वसन मार्ग में इनफेक्शन देखने को मिल रहा है. जिससे उनको सांस लेने में दिक्कत के साथ बुखार, गला बैठना और सांस लेने पर आवाज आने की समस्या हो सकती है. इससे बच्चों का ख्याल रखना बेहद जरूरी है और इनमें से कोई भी लक्षण दिखने पर कोरोना की जांच करवाएं और चिकित्स से संपर्क अवश्य करें.