कोरबा।/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में नागरिकों के सशक्तिकरण हक हमारा भी तो है का आयोजन लोगों को विविध अधिकारों और प्रावधानों की जानकारी प्रदान की गई निशुल्क सहायता प्राप्त करने की विधियों के बारे में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सहायक उपकरणों अनुदान राशियां प्राप्त करने जागरूक किया गया ।
कार्यक्रम जि,पं, सभाकक्ष कोरबा में आयोजित किया गया मुख्य अतिथि राजीव कुमार विशेष न्यायाधीश उद्बोधन में टीमों का गठन करके जिले में जानकारियां दी जा रही हैं ज्योति अग्रवाल अपर सत्र न्यायाधीश एटीसी कोरबा द्वारा विधिक जागरूकता की आवश्यकता के बारे में बताया गया जिला प्रशासन की ओर से डिप्टी कलेक्टर रुचि सादुल ने बताया आमतौर पर विधायिका और कार्यपालिका के बारे में लोगों को जानकारियां होती हैं लेकिन न्यायपालिका की कार्यप्रणाली और विविध प्रक्रियाओं अधिकारों के बारे में जागरूकता की कमी के चलते लोगों को अपनी समस्याओं को लेकर जरूरी राहत प्राप्त करने में दिक्कत होती है
प्राथमिक विधिक अधिकारों के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से यह मेगा कैंप आयोजित किया गया है उदाहरण स्वरूप माता पिता भरण पोषण के बारे में आरपीसी के प्रावधानों के तहत वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि जानकारियों के अभाव में लोग परेशान होते हैं सभी विभाग से जुड़ी योजनाओं के साथ उनकी प्रक्रियाओं नियम कानून की जानकारियां हितग्राहियों को होनी चाहिए।
अर्चना उपाध्याय राज्य महिला आयोग सदस्य ने अपने उद्बोधन में बताया जिले में महिला उत्पीड़न संबंधी मामलों में त्वरित कार्यवाही करते हुए उन्हें उचित न्याय प्रदान करने की सार्थक पहल शुरू करनी चाहिए प्रकरण दर्ज कराने के बाद उन्हें कई वर्षों तक भरण पोषण राशि नहीं प्राप्त हो पाती है जिस कारण उनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर हो जाती है वह उचित निर्णय नहीं ले पाती।
युक्त अवसर पर व्यवहार न्यायाधीश वर्ग 1 हरिश्चंद्र मिश्रा,प्रतीक्षा अग्रवाल, प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारी मनजीत जांगड़े रिचा यादव संगीता कोराम विधिक सलाहकार रमाकांत दुबे, गोपाल चन्द्रा , मीडिया से वीरेंद्र जायसवाल, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मितानिनों स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्यों विधि विद्यार्थियों न्यायिक कर्मचारियों आदि की उपस्थिति रही।