नई दिल्ली:- पाकिस्तान की सेना ने गुरुवार को दावा किया कि भारत ने कराची और लाहौर के दो सबसे बड़े शहरों सहित कई स्थानों को निशाना बनाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया है. पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि भारतीय ड्रोन पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में भेजे जा रहे हैं. हालांकि, भारत ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
यह कथित हमला भारत द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकवादी बुनियादी ढांचे स्थलों को नष्ट करने के एक दिन बाद हुआ है. पाकिस्तान की सेना ने दावा किया कि भारत ने गुरुवार को इजरायल निर्मित HAROP ड्रोन का इस्तेमाल किया.
इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) द्वारा विकसित HAROP एक नेक्स्ट जेनरेशन का लोइटरिंग म्यूनिशन सिस्टम है. HAROP में मानव रहित हवाई वाहनों (UAV) की कैपेबिलिटीज को प्रिसिशन-गाइडेड म्यूनिशन के साथ जोड़ा गया है.
डुअल रोल वेपन सिस्टम
HAROP मॉनिट्रिंग ड्रोन और घातक मिसाइल दोनों के रूप में कार्य करता है. यह टारगेटेड क्षेत्रों पर मंडराता है और फिर लक्ष्य पर निशाना लगाता है, जिससे यह टाइम-सेंसिटिव खतरों के खिलाफ अत्यधिक प्रभावी हो जाता है.
कॉम्बैट प्रोवेन परफॉर्मेंस
HAROP के पास ओपरेशनल सक्सेस का एक मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड है, जिसमें रियल वर्ल्ड कॉम्बैट सिचुएशन में उल्लेखनीय मिशन परिणाम हैं.
इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने की विकसित
HAROP, HARPY जैसे पुराने प्लेटफॉर्म पर निर्मित, लोइटरिंग म्यूनिशन सिस्टम में IAI के दशकों के लंबे अनुभव वाला प्रोडक्ट है. यह IAI के लोइटरिंग म्यूनिशन फैमिली का सेकंड जनरेशन का सदस्य है.
लंबी अवधि तक चलने वाला और एक्स्टेंडेड रेंज
ड्रोन में 9 घंटे तक की प्रभावशाली क्षमता और 1,000 किलोमीटर तक की परिचालन रेंज है, जो ऑपरेटरों को फ्रंटलाइन खतरों के संपर्क में लाए बिना गहरे स्टैंडऑफ ऑपरेशन को सक्षम बनाता है
ह्यूमन कंट्रोल ऑटोनोमस
HAROP टारगेट को सर्च, आइडेंटिफाई और ट्रैक करने के लिए ऑटोमैटिकली संचालित होता है, यह दो-तरफा डेटा लिंक के माध्यम से मैन-इन-द-लूप कैपेबलिटी बनाए रखता है, जिससे ह्यूमन ऑपरेटर रियल टाइम में फैसला ले सकते हैं.
अबोर्ट और री-लॉयटर कैपेबलिटी
युद्ध के मैदान की स्थितियों में परिवर्तन की स्थिति में ऑपरेटर हमले को निरस्त कर सकता है, जिससे ड्रोन को लोइटरिंग मोड में वापस जाने की अनुमति मिलती है .इससे कॉलैटरेल डैमेज रिस्क कम हो जाता है
एडवांस टारगेटिंग सिस्टम
HAROP इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल (EO), इन्फ्रारेड (IR) और फॉरवर्ड-लुकिंग इन्फ्रारेड (FLIR) सेंसर से लैस है. साथ ही इसमें एक रंगीन CCD कैमरा और एंटी-रडार होमिंग कैपेबिलिटी है, जो व्यापक लक्ष्य का पता लगाने और पहचान प्रदान करती हैं.
डोमेन में वर्सेटाइल इम्पलीकेशन
मल्टी-मिशन लचीलेपन के लिए डिज़ाइन किया गया HAROP भूमि और नौसैनिक, अर्बन वॉरफेयर, आतंकवाद विरोधी मिशन और हाई और लो-तीव्रता दोनों संघर्षों के लिए उपयुक्त है।.
विशाल वारहेड पेलोड क्षमता
ड्रोन में 23 किलोग्राम (51 पाउंड) विस्फोटक पेलोड होता है, जो इसे रडार, मिसाइल सिस्टम और दुश्मन के ठिकानों सहित हाई-वैल्यू और मोबाइल लक्ष्यों की एक वाइड परेंड को बेअसर करने में सक्षम बनाता है.
कैनिस्टर से लॉन्च
HAROP को एक सीलबंद कैनिस्टर से लॉन्च किया जाता है, जिससे इसे तैनात करना आसान हो जाता है और यह तुरंत निगरानी से स्ट्राइक मोड में जाने में सक्षम होता है, जो एक शक्तिशाली ‘सिचुएशनल जागरूकता और हथियारट सोल्यूशन प्रदान करता है.