नई दिल्ली:- अफगानिस्तान में भू-राजनीतिक स्थिति में हुए बदलाव के बाद से ही अमेरिका ने पाकिस्तान को हथियारों की आपूर्ति बंद कर दी थी, जिसके बाद कैश की कमी से जूझ रहा इस्लामाबाद हाल के वर्षों में इस कमी को पूरा करने के लिए चीन पर निर्भर हो गया है. मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि चाइनीज हथियारों के बल पर पाकिस्तान ने भारत पर हमला करने की कोशिश की. हालांकि, जल्द ही उसे इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ा.
दरअसल शुक्रवार को पाकिस्तान की ओर से किए गए हमले को भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया. साथ ही पाकिस्तान को जिन चीनी हथियारों पर ‘घमंड’ था, उसे भारतीय सेना के जवानों ने चकनाचूर कर दिया. इससे पाकिस्तानी सेना को बड़ा झटका लगा है.
पाकिस्तान ने किन चीनी हथियारों का किया इस्तेमाल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान ने चीनी फाइटर जेट JF-17 और F-16 से भारत पर हमला किया. मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि इस दौरान भारत ने पाकिस्तान के एक विमान को मार गिराया. बता दें कि पाकिस्तान लंबे समय से चीन का डिफेंस पार्टनर रहा है और चीन के हथियारों के बल पर ही भारत पर हमला करने की हिमाकत की.
JF-17 फाइटर जेट
हाल ही में पाकिस्तान अपने फ्लीट में चीन के JF-17 फाइटर जेट्स को जोड़ा है. उसने इस विमान को चीन के साथ मिलकर बनाया है. हालांकि, इसकी टेक्नोलॉजी बेहद कमजोर है और भारत के एडवांस फाइटर जेट के सामन कहीं नहीं टिकती. भारत के एडवांस फाइटर प्रोग्राम के आगे इसकी तकनीक बेहद कमजोर है.
J-10C विमान
इसके अलावा पाकिस्तान ने चीन से J-10C मल्टीरोल फाइटर जेट भी लिया है. जे-10सीपी की रेंज लगभग 120 से 200 किलोमीटर है. हालंकि, यह भारती विमान राफेल के मुकाबले कहीं नहीं टिकता है, जिसकी डिटेक्शन रेंज 200-240 किलोमीटर से अधिक है.
पाकिस्तान का S-400: HQ-9 AD सिस्टम
HQ-9 एक लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (SAM) सिस्टम है, जिसे चाइना प्रिसिजन मशीनरी इंपोर्ट-एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन (CPMIEC) ने विकसित किया है. इसे लड़ाकू विमानों, ड्रोन और मिसाइलों सहित विभिन्न हवाई खतरों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. हालांकि, भारत ने अपना मिसाइल हमले में इसे भी ध्वस्त कर दिया.
SH-15 हॉवित्जर
SH-15, जिसे 2019 में पाकिस्तानी सेना में शामिल किया गया था. यह एक 6×6 पहिए वाला हॉवित्जर है, जिसे गतिशीलता और मारक क्षमता के लिए डिजाइन किया गया है. नाटो स्टैंडर्ड के अनुरूप इसकी 155 मिमी की तोप, 50 किमी तक की सीमा के साथ होई-विस्फोटक गोले, लेजर-गाइडेड GP6 राउंड और रॉकेट-सहायता प्राप्त प्रोजेक्टाइल सहित कई प्रकार के गोला-बारूद दागती है. यह 6 राउंड प्रति मिनट की अधिकतम दर से हमले कर सकता है. पाकिस्तान को इस चीनी हथियार पर काफी गुरूर है.