नई दिल्ली:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मालदीव के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने मुइज्जू को बधाई दी. मोहम्मद मुइज्जू भारत विरोधी कदमों को लेकर चर्चा में रहे हैं, ऐसे में ये मुलाकात अहम मानी जा रही है. मोहम्मद मुइज्जू ने मालदीव में विदेशी सेना की उपस्थिति को लेकर बयान दिया था. उन्होंने 77 भारतीय सैन्य कर्मियों को वापस बुलाने का भारत से अनुरोध किया था.
पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति मुइज्जू और मेरी आज एक सार्थक बैठक हुई. उन्होंने कहा, हमने विभिन्न क्षेत्रों में भारत-मालदीव मित्रता को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की. हम अपने लोगों के लाभ के लिए सहयोग को प्रगाढ़ करने के लिए साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हैं.
वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि दोनों नेताओं ने दोनों देशों के लोगों के बीच जुड़ाव, विकास सहयोग, आर्थिक संबंध, जलवायु परिवर्तन और खेल सहित दोनों देशों के बीच व्यापक द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की. बागची ने कहा,दोनों नेताओं ने अपनी साझेदारी को और प्रगाढ़ करने के तरीकों पर भी चर्चा की. इस संबंध में, वे एक कोर समूह गठित करने पर सहमत हुए.
चीन के साथ करीबी रिश्ते
गौरतलब है कि 25 नवंबर को मोहम्मद मुइज्जू ने मालदीव में राष्ट्रपति का चुनाव जीता था. वह प्रोग्रेसिव पार्टी ऑफ मालदीव गठबंधन के नेता हैं और इस गठबंधन को चीन के साथ करीबी रिश्तों के लिए भी जाना जाता है. मुइज्जू मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन के करीबी सहयोगी हैं. यामीन ने 2013 से 2018 तक राष्ट्रपति पद पर रहते हुए चीन के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए.
‘मालदीव में भारतीय सैनिकों की संख्या की कोई ठोस जानकारी नहीं’
उनके गठबंधन पीपीएम-पीएनसी ने मालदीव में कथित भारतीय सेना की उपस्थिति के खिलाफ ‘इंडिया आउट’ का नारा दिया था और इसे लेकर कई विरोध प्रदर्शन भी आयोजित किए थे.
