नई दिल्ली:– 19 अप्रैल को कन्याकुमारी से कश्मीर रेल नेटवर्क से जुड़ने जा रहा है। उद्घाटन समारोह से पहले तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। रविवार को केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने कटड़ा-श्रीनगर रेलवे ट्रैक का जायजा लिया।
मौके पर कई कामियां पाए जाने पर उसे दुरुस्त करने के दिशा निर्देश भी दिए। इससे पहले केंद्रीय गृह सचिव ने मां वैष्णो देवी (Maa Vaishno Devi) के चरणों में हाजिरी भी लगाई। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कटड़ा रेलवे स्टेशन से श्रीनगर जाने वाली पहली वंदे भारत को हरी झंडी दिखाएंगे।
अधिकारियों को दिए दिशा निर्देश
मां के भवन में दर्शन के बाद गोविंद मोहन ने सुबह करीब 11:00 बजे कटड़ा स्टेशन पहुंच कर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा के साथ अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। गृह सचिव अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्पेशल इंस्पेक्शन वैन जो एक डिब्बे वाली विशेष ट्रेन है, में बैठकर कटड़ा से रियासी रवाना हुए।
गृह सचिव महत्वपूर्ण टी -1 टनल के साथ देश के पहले केबल ब्रिज से भी होकर भी गुजरे। उन्होंने मौजूद अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए गए ताकि किसी भी तरह की कमी न रहे। मंडलायुक्त जम्मू रमेश कुमार, आइजीपी रेलवे, डीआइजी रेलवे, असिस्टेंट जनरल मैनेजर रेलवे विभाग, एसएसपी रियासी के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे ।
विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल का भी उद्घाटन
बता दें कि दिल्ली से कटड़ा स्टेशन तक मौजूदा समय में दो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन किया जाता है जिसके स्टेशन- दिल्ली, अंबाला, लुधियाना, जालंधर कैंट, जम्मू तवी और श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिला रियासी में बने विश्व के सबसे उंचे रेलवे पुल का उद्घाटन करेंगे।
इसके साथ देश के पहले केबल ब्रिज का दौरा करेंगे। उसके बाद वह श्री माता वैष्णो देवी रेलवे स्टेशन कटड़ा में श्रीनगर के लिए आधुनिक वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। मोदी के दौरे को लेकर रेल विभाग के साथ ही प्रशासन भी सतर्क है।
अलग होगी वंदे भारत एक्सप्रेस
कश्मीर में चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस देशभर में चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस से अलग है। इसे विशेष रूप से अत्यधिक ठंड की स्थिति में सुचारु चलने के लिए डिजाइन किया है, यानी -20 डिग्री सेल्सियस से भी कम तापमान पर। यात्रियों और लोको पायलट के लिए ट्रेन में हीटिंग सिस्टम लगे हैं।
ड्राइवर के केबिन में गर्म विंडशील्ड है जो इसे कोहरे या जमने से बचाता है। इसके अलावा, ट्रेन में पानी को जमने से रोकने के लिए प्लंबिंग और बायो-टायलेट में हीटिंग तत्व हैं। बता दें कि ऊधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना के तहत ऊधमपुर से कश्मीर तक कुल 272 किमी लंबी रेल लाइन है।
