बांदा। जनपद के कमासिन कस्बे में मधु क्लीनिक के नाम से प्राइवेट अस्पताल चलाने वाले डॉक्टर को पहले पुलिस ने फर्जी केस में फंसाया। इसके बाद जिला बदर करने की रिपोर्ट भेजकर डॉक्टर को प्रताड़ित किया गया। जिससे सदमे में आकर डॉक्टर की हार्ट अटैक से मौत हो गई। इस घटना से कस्बे में लोगों में आक्रोश व्याप्त है। कस्बे में मधु क्लीनिक के नाम से अस्पताल चलाने वाले डॉक्टर बलराम शर्मा षड़यंत्र का शिकार हो गए। उन्हें पुलिस ने पहले धारा 354 के अन्तर्गत फर्जी केस में फंसाया।
इसके बाद एसआई राजेन्द्र द्विवेदी ने उन्हें जिला बदर करने की धमकी देकर 50 हजार रुपये ऐंठने की कोशिश की। जब उन्होंने पैसा देने से इंकार कर दिया तो पिछले माह सितम्बर की 17 तारीख को जिला बदर करने की रिपोर्ट भेजी गई। जिससे डॉक्टर गहरे सदमे में आ गए। उन्होंने खाना-पीना तक छोड़ दिया था। इसी सदमे के चलते उनकी हालत बिगड़ती चली गई और हार्ट अटैक होने से उनकी मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि जैसे ही डॉक्टर की मौत की खबर गांव में हुई तो पूरा गांव उनके पैतृक आवास फतेहपुर के शाखा गांव में उमड़ पड़ा। गांव के निजामुद्दीन, अनिल कुमार गुप्ता, विश्वजीत शर्मा आदि कई लोगों ने इस मामले में जांच कर एसआई के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।