बलौदाबाजार। बलौदाबाजार जिला में अंधविश्वास में हत्या की ऐसी कहानी सामने आयी हैं,जिसे सूनकर पुलिस भी हैरान हैं। गड़ा धन पाने की लालच में आरोपियों ने गांव की एक महिला के पास मटिया प्रेत होने की जानकारी के बाद उससे मदद मांगी गयी। लेकिन महिला ने जब आरोपियों की मदद से इंकार कर दिया, तो उन्होने उसकी हत्या करने के बाद लाश को पत्थर से बांधकर पत्थर खदान में ठिकाने लगा दिया गया।
पुलिस ने इस अंधे कत्ल के मामले में गांव के सरपंच सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं।पूरा घटनाक्रम बलौदाबाजार जिला के थाना गिधौरी-टुण्डरा क्षेत्र का हैं। आपको बता दे कि यहां पिछले दिनों अज्ञात महिला की लाश गांव के सड़क किनारे पत्थर खदान में पानी में तैरते मिली थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद इस प्रकरण में हत्या का अपराध दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू की गयी।
एसएसपी दीपक कुमार झा ने अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया गया। पुलिस की तफ्तीश में मृतिका की पहचान देवमती विश्वकर्मा के रूप में किया गया। पुलिस की जांच में आगे पता चला कि गांव के सरपंच सहित कुछ लोगों को आखिरी बार मृतिका के साथ देखा गया था। पुलिस ने जब इस मामले में हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू किया गया, तो चैकाने वाली जानकारी सामने आयी।
आरोपियों ने बताया कि इस वारदात का मास्टर माइंड ललित श्रीवास था, जो कि जल्दी पैसा कमाने की सोच रखकर गड़ा धन निकालने की फिराक में गांव के सरपंच कमल सिंह को अपने झांसे में लिया।अंधविश्वास में डूबे आरोपियों ने बताया कि गड़ा धन का पता लगाने के लिए मटिया नामक प्रेत की आवश्यकता होती है। जिसके तलाश में मुख्य आरोपी ललित श्रीवास को ग्राम भवरीद में मृतिका के पास मटिया होने की जानकारी मिली।
जिस पर आरोपियों द्वारा गांव के सरपंच कमल सिंह से संपर्क कर गड़े धन का लालच देकर उसे अपनी योजना में शामिल किया और देवमती विश्वकर्मा से संपर्क किया। मृतिका द्वारा आरोपियों को मटिया नहीं देने की बात की गई। जिस पर आरोपी द्वारा लालच में आकर योजनाबद्ध तरीके से दिनांक 24 सितंबर को अपने साथियों के साथ स्विफ्ट गाड़ी में गांव भवरीद पहुंचे।
यहां सरपंच कमल सिंह के माध्यम से मृतिका देवमती विश्वकर्मा को गांव के बाहर बुलवाकर अपने साथ स्विफ्ट गाड़ी में बैठा कर कसडोल मिनी स्टेडियम ले गए।निर्माणाधीन मिनी स्टेडियम में एक कमरे मृतिका को रखकर मटिया देने को लेकर डरा-धमका कर मनाने का प्रयास किया गया। महिला के नहीं मानने पर आरोपी परेशान हो गये इसके बाद उन्होने सरपंच से फोन पर महिला से कुछ भी हासिल नही होने की जानकारी दी गयी।
आरोपियों की माने तो सरपंच ने महिला को मार कर फेंक देने का सलाह दिया गया, ताकि महिला की रिपोर्ट पर वे सब फंस न जाये। आरोपियों द्वारा भी अन्य मामलों से बचने के डर से मृतिका के हाथ पैर और गला को इलेक्ट्रॉनिक तार से बांधकर रात के वक्त ग्राम गिधौरी के पत्थर खदान में पत्थर से बांधकर फेंक जिंदा फेंक दिया गया। जिससे महिला की इस घटना में मौत हो गयी।
इस सनसनीखेज खुलासा के बाद पुलिस ने इस वारदात के मुख्य आरोपी ललीत श्रीवास सहित गां के सरपंच कमल सिंह, करणदास मानिकपुरी और प्रवीण साहू को गिरफ्तार कर लिया हैं। पुलिस ने गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया हैं।