कोरबा :- जिला प्रशासन द्वारा जनहित के कार्यों के प्रति उदासीनता बरतने गरीबों के मकान तोड़ बरसात के मौसम में उन्हें बेघर करने, बालकोनगर वार्ड 45 परसा भाठा के 39 दुकानदारों को बेदखल करने तथा कोरबा पुराना बस स्टैण्ड स्थित गीतांजली काॅम्पलेक्स के दुकानदारों की लीज निरस्त करने की धमकी सहित कुसमुडा खदान प्रबंधन की वादाखिलाफियों से त्रस्त प्रभावित भू-विस्थापित परिवारों द्वारा मजबूर होकर किए गए प्रदर्शन को गंभीरता से लेते हुए पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल कोरबा जिला प्रशासन की कार्यशैली के संबंध में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा है।
इसी प्रकार वरमपुर से दर्री बराज तक 8 किलोमीटर टू-लेन सीसी रोड बनाने के लिए एसईसीएल से 83 करोड रूपये स्वीकृत करवाए गए थे और जिला प्रशासन के पास एसईसीएल द्वारा फरवरी 2023 में ही प्रथम किस्त के तौर पर फण्ड जमा करा दिया गया। आज तक जिला प्रशासन उसकी निविदा प्रक्रिया भी आरंभ नहीं करवा सका। यदि ये दोनो कार्य समय रहते हो जाते तो आज कोरबा की यातायात संबंधी गंभीर समस्या दूर हो गई होती।
30 साल पहले से दुकानदारी करते हुए 39 दुकानदार अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। उन छोटे दुकानदारों को बेदखल करने जिला प्रशासन के निर्देश पर कोरबा निगम द्वारा नोटिस जारी किया गया है। वर्तमान में उनके समक्ष रोजी की समस्या उत्पन्न हो गई है अतएव दुकानदारों को यथावत रहने दिए जाने की बात पत्र में कही गई है।
इसी प्रकार कोरबा गीताजली काम्प्लेक्स के दुकानदारों को नोटिस जारी कर बरामदा क्षेत्र का उपयोग बन्द करने की हिदायत दी गई है, ऐसा नहीं किए जाने पर दुकानों की लीज निरस्त करने की धमकी दी गई है। शहर में बढ़ते यातायात के दबाव को व्यवस्थित करने के लिए नया परिवहन नगर का तत्काल निर्माण कराया जाना सर्वाधिक उपयुक्त समाधान है।
पत्र में कांग्रेसी नेता जयसिंह अग्रवाल ने उपर्युक्त बातों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री से उम्मीद जताई है कि बरसात के मौसम में किसी के मकान न तोड़े जाएं, किसी भी दुकानदार को बेदखल न किया जाए व किसी भी दुकानदार को परेशान न किया जाए और भू-विस्थापितों की मांगो पर सकारात्मक पहले करते हुए उचित समाधान निकालने के साथ ही कोरबा में नया परिवहन नगर का निर्माण व बरमपुर से दर्री बराॅज तक की सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता प्रदान करने के साथ ही जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने के लिए जिला प्रशासन को निर्देशित किया जाएगा। उपर्युक्त तरीके की कार्यशैली अपनाकर जिला प्रशासन कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित कर रहा है।
