अमेरिका के लॉस एंजिल्स के रहने वाले ट्रांसजेंडर पुरुष बेनेट कास्पर विलियम्स की इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। सुनने में ये भले ही थोड़ा अजीब लगे, लेकिन ये पूरी तरह से सच है। अब उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में बच्चे को जन्म देने का पूरा किस्सा बताया।
20 की उम्र में हुआ बदलाव
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बेनेट (पहले महिला थीं) किशोर अवस्था तक तो नार्मल रहे, लेकिन जब वो करीब 20 साल के हुए तो उनके शरीर में काफी बदलाव शुरू हो गया। इसके बाद वो डॉक्टरों से मिले, जिस पर पता चला कि वो ट्रांसजेंडर हैं। इससे बेनेट परेशान और दुखी नहीं हुए, बल्कि अपने लिए एक पार्टनर की तलाश शुरू कर दी। 2017 में उनकी मुलाकात मलिक से हुई। कुछ दिनों में दोनों की दोस्ती प्यार में बदली और उन्होंने 2019 में शादी कर ली।
करवा रहे थे स्पेशल थेरेपी
आम लोगों की तरह वो भी अपने परिवार को बढ़ाना चाहते थे, जिस वजह से उन्होंने बच्चे को जन्म देने का फैसला किया। बेनेट ने खुद की टेस्टोस्टेरोन हार्मोन थेरेपी करवाई। इससे ओवरी कार्य करने में सक्षम हो जाती है। डॉक्टरों के मुताबिक ओवरी शरीर का वही अंग है, जहां पर औरत को मां बना सकने वाले अंडे बनते हैं। अंडे वही, जो स्पर्म (शुक्राणु) के साथ मिलकर बच्चा बना सकते हैं। जब उन्होंने बच्चे को जन्म देने का फैसला किया तो उन्होंने इस थेरेपी को रोक दिया।
प्राइवेट पार्ट नहीं निकलवाया
बेनेट के मुताबिक उन्होंने अपने स्तन ऑपरेशन के जरिए निकलवा दिए थे, जिस पर तीन लाख से ज्यादा खर्च हुआ, लेकिन उन्होंने प्राइवेट पार्ट को वैसे ही रहने दिया। उन्होंने बताया कि वो बच्चे को जन्म देना चाहते थे, इसी वजह से उन्होंने ये फैसला लिया। फिर 2020 में उन्होंने अपने बेटे हडसन को जन्म दिया था। इस दौरान उनके साथ अस्पताल में ऐसा वाक्या हुआ, जिससे वो नाराज हो गए थे।
‘मां’ शब्द पर कही ये बात
उन्होंने अपने इंटरव्यू में बताया कि बच्चे के जन्म के बाद नर्स उन्हें मां कहकर बुलाती थीं, लेकिन उन्हें ये बिल्कुल भी नहीं पसंद। उन्होंने कहा कि हमें मातृत्व और नारीत्व को अलग करना होगा। हमें ये समझना होगा कि जो भी इंसान बच्चा पैदा कर सकता है वो मां है, उसके अंदर मातृत्व है, सिर्फ महिलाएं ही मां नहीं बन सकती हैं।