मुंबई:- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी दरों में कटौती के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि टैक्स स्लैब को तर्कसंगत बनाने की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही जीएसटी की दरें और कम होंगी. द इकोनॉमिक टाइम्स अवार्ड्स में बोलते हुए सीतारमण ने कहा कि रेवेन्यू न्यूट्रल रे 2017 में 15.8 प्रतिशत था, जो घटकर 2023 में 11.4 प्रतिशत हो गया है. उन्होंने आगे भी इसमें कटौती के संकेत दिए.
चर्चा में भाग लेते हुए सीतारमण ने कहा कि जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है. उन्होंने कहा, “मैंने खुद से समितियों के काम की समीक्षा करने और अंतिम निर्णय के लिए इसे जीएसटी परिषद के पास ले जाने का काम अपने ऊपर ले लिया है. हम दरों में कटौती और स्लैब की संख्या पर कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लेने के बहुत करीब हैं.
सीतारमण ने कहा, “मैंने स्पष्ट किया है कि दरें कम होंगी. जब जीएसटी शुरू किया गया था, तो रेवेन्यू न्यूट्रल रेट 15.8 प्रतिशत थी. तब से, यह घटकर 11.4 प्रतिशत हो गई है. ऐसी कोई वस्तु नहीं है जिसके लिए जीएसटी दर में वृद्धि हुई हो. सच में, यह कम हुई है, और हम इस ट्रेंड को जारी रखेंगे.
सीतारमण ने इस बात पर जोर दिया कि जीएसटी तर्कसंगत बनाने के लिए 2021 में गठित मंत्रियों के समूह ने महत्वपूर्ण प्रगति की है. सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद की अगली बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पेश किए जा सकते हैं. उन्होंने कहा, “समूहों ने बेहतरीन काम किया है, लेकिन मैंने अभी भी परिषद में इसे ले जाने से पहले उनके निष्कर्षों की पूरी तरह से समीक्षा करने का बीड़ा उठाया है. हम इसे अगली परिषद में ले जाएंगे.
शेयर बाजार पर क्या बोलीं सीतारमण
शेयर बाजार की अस्थिरता पर सीतारमण ने युद्ध, लाल सागर में व्यवधान और समुद्री डकैती के खतरों जैसी वैश्विक अनिश्चितताओं का हवाला देते हुए सवाल किया कि क्या कोई बाजार के पूरी तरह से स्थिर होने की भविष्यवाणी कर सकता है. भारत-अमेरिका व्यापार सौदे के बारे में वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि दोनों देश पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं.