छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाने की तैयारी, नवा रायपुर में बनेगा सीएफसी
रायपुर:- छत्तीसगढ़ आने वाले समय में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में बेहतर सेंटर के रूप में निखरेगा. केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में एक सामान्य सुविधा केंद्र को मंजूरी दे दी है. यहां पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का काम होगा. जिससे नवा रायपुर आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स का हब बन सकेगा.
छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद: इस करार के बारे में बुधवार को साय सरकार की तरफ से एक विज्ञप्ति जारी की गई. जिसमें यह बताया गया कि इस परियोजना से राज्य को अब इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेंगलुरु, पुणे या नोएडा पर आधारित नहीं रहना पड़ेगा. इससे राज्य में आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स के स्टार्टअप को बढ़ावा मिलेगा.
नवा रायपुर में बनेगा फैसिलिटी सेंटर : साय सरकार की तरफ से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक यह कॉमन फैसिलिटी सेंटर नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर 22 में बनेगा. यह 3.23 एकड़ भूमि पर 108.43 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट में 75 करोड़ रुपये केंद्र की ईएमसी 2.0 योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मंजूर किए हैं.
कॉमन फैसिलिटी सेंटर में क्या होगा: इस सीएफसी सेंटर में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को बढ़ावा देने के सारे साधन मौजूद रहेंगे. जिसमें प्रिंटेड सर्किट बोर्ड प्रोटोटाइपिंग, 3डी प्रिंटिंग, ईएमसी परीक्षण और वुडेन वर्कशॉप होगा. यहां पर माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, एलईडी लैंप, सौर चार्ज नियंत्रक और इलेक्ट्रिक वाहन समाधान के कार्य किए जाएंगे.
आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा: इस सीएफसी के निर्माण से आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा. मसलन छोटी एलईडी लाइट निर्माण इकाई अपने उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जाँच के लिए सीएफसी के परीक्षण प्रयोगशाला का उपयोग कर सकती है. इसी प्रकार, सौर चार्ज नियंत्रक डिज़ाइन करने वाला एक स्टार्टअप बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने से पहले केंद्र की प्रोटोटाइपिंग सुविधा का उपयोग कर सकेगा. इलेक्ट्रिक वाहन के निर्माण में भी इस सेंटर की अहम भूमिका होगी.
