आज के टाइम में एक बड़ी आबादी सिटिंग जॉब करती है और इस वजह से 9 घंटे की शिफ्ट में लगभग आठ घंटे बैठकर काम करना होता है. इस दौरान हम बेहद कम फिजिकल एक्टिविटी करते हैं इसलिए यह सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक होता है और आप कई बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं. इस बारे में लंबे वक्त तक की गई एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि बैठे रहने से न सिर्फ बीमारियों का जोखिम बढ़ता है, बल्कि इससे मरने की आशंका भी ज्यादा हो जाती है.
खराब खानपान के अलावा सुस्त लाइफस्टाइल के कारण आज के वक्त में युवाओं में भी गंभीर बीमारियां जैसे डायबिटीज, कार्डियोवस्कुलर डिजीज के मामले देखने में आ रहे हैं. दिनभर बैठकर काम करना भी कई बीमारियों की बड़ी वजह है. फिलहाल जान लेते हैं क्या कहती है इस बारे में स्टडी और कैसे कर सकते हैं इससे बचाव.बढ़ती हैं दिल की बीमारियां
ताइवान में स्वास्थ निरीक्षकों की निगरानी में हुए एक अध्ययन में 4,81, 688 प्रतिभागियों को शामिल किया गया. जिसके निष्कर्ष में ये पाया गया कि जो लोग लगातार कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं, उनमें कार्डियो वस्कुलर (हार्ट डिजीज) बीमारियों का खतरा 34 प्रतिशत तक बढ़ जाता है.
मौत का जोखिम भी बढ़ता हैलिंग, उम्र, बॉडी मास, धूम्रपान आदि के इंडेक्स के आधार पर किए गए अध्ययन के मुताबिक, जो लोग ज्यादातर काम पर बैठे रहते थे उनमें अन्य कारणों से भी मृत्यु का जोखिम 16 प्रतिशत तक ज्यादा था, जबकि जो लोग बारी-बारी से काम पर बैठते हैं या फिर लगातार काम पर नहीं बैठते उनमें यह जोखिम कम पाया गया.ऐसे करें बचावरिसर्च कहती हैं कि अगर मृत्यु के जोखिम को कम करना है तो हर दिन 15 से 30 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी को बढ़ाना जरूरी है.
