Close Menu
Tv36Hindustan
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram Vimeo
    Tv36Hindustan
    Subscribe Login
    • समाचार
    • छत्तीसगढ
    • राष्ट्रीय
    • नवीनतम
    • सामान्य
    • अपराध
    • स्वास्थ्य
    • लेख
    • मध्य प्रदेश
    • ज्योतिष
    Tv36Hindustan
    Home » न्यूजीलैंड छोड़ ऋषिकेश पहुंचेंगे दुनिया भर के RAFTING LOVERS, होने वाला है ये बड़ा काम, जानें प्लान…
    News

    न्यूजीलैंड छोड़ ऋषिकेश पहुंचेंगे दुनिया भर के RAFTING LOVERS, होने वाला है ये बड़ा काम, जानें प्लान…

    By Tv 36 HindustanJanuary 16, 2025No Comments5 Mins Read
    WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn VKontakte Email Tumblr
    Share
    WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    देहरादून:- दुनिया के नक्शे पर ऋषिकेश राफ्टिंग लीडर के रूप में उभरने को तैयार है. दरअसल ये सब केंद्र सरकार की मदद और ऑपरेटर्स के सहयोग से होने जा रहा है. केंद्र सरकार देश भर के तमाम पर्यटन स्थलों में विकास के लिए 3,295 करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है. अच्छी बात ये है कि उत्तराखंड ने राफ्टिंग के क्षेत्र में अपना मजबूत पक्ष रखकर केंद्र सरकार को ऋषिकेश में अत्याधुनिक राफ्टिंग बेस स्टेशन स्थापित करने के लिए सहमत किया है. जिसके लिए राज्य को 100 करोड़ रुपए केंद्र से जल्द मिलने की उम्मीद है.

    हर साल ऋषिकेश में 15 लाख से ज्यादा पर्यटक करते हैं राफ्टिंग: राफ्टिंग के लिहाज से ऋषिकेश को देश में सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है. इस बात का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि ऋषिकेश में गंगा नदी में राफ्टिंग करने के लिए हर साल करीब 15 लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचते हैं. इसमें करीब आठ से 10% हिस्सेदारी विदेशी पर्यटकों की भी होती है. चौंकाने वाली बात यह है कि राफ्टिंग का इतना बड़ा बाजार निजी ऑपरेटर्स ने अपनी मेहनत से खड़ा किया है और अभी तक सरकार की भूमिका इसमें मामूली रही है. उत्तराखंड में पिछले तीन दशकों से राफ्टिंग से जुड़े एक्सपर्ट भी इस बात को कहते नजर आते हैं.

    खास बात ये है कि ऋषिकेश पहले ही देश में राफ्टिंग के लिए पर्यटकों की पहली पसंद है. विदेशी पर्यटक भी बड़ी संख्या में यहां पहुंचते रहे हैं. लेकिन पिछले 30 सालों से राज्य सरकार की अनदेखी वाइटवॉटर राफ्टिंग के रोमांच को फीका कर रही है. हालांकि अब केंद्र सरकार से मिली तवज्जो के बाद इस क्षेत्र में ऋषिकेश के अंतरराष्ट्रीय फलक पर छाने की उम्मीद है.

    हिमालय की तलहटी में बसे ऋषिकेश को मां गंगा की निर्मल धारा विशेष पहचान देती है. यह क्षेत्र वैसे तो योग नगरी के नाम से दुनिया भर में जाना जाता है, लेकिन आध्यात्मिक केंद्र के रूप में भी ऋषिकेश ने अपना अलग रुतबा हासिल किया है. चारधाम यात्रा के द्वार ऋषिकेश को एक और वजह से पहचान मिली है और वो है व्हाइट वाटर राफ्टिंग.

    न्यूजीलैंड के क्वींसटाउन से मुकाबला करेगा ऋषिकेश: पूरी दुनिया में रिवर राफ्टिंग के लिए न्यूजीलैंड के क्वींसटाउन को बेस्ट जाना जाता है. यहां अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ अंतरराष्ट्रीय मानकों पर राफ्टिंग करने दुनिया भर के रिवर राफ्टिंग के शौकीन पहुंचते हैं. यही कारण है कि ये क्षेत्र रिवर राफ्टिंग की बदौलत 80 मिलियन डॉलर की इकॉनामी को तय करता है.

    ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग का 18 मिलियन डॉलर का बाजार: उधर भारत में रिवर राफ्टिंग के लिए सबसे पसंदीदा जगह ऋषिकेश है. यहां रिवर राफ्टिंग का 18 मिलियन डॉलर का बाजार है. उत्तराखंड शासन में सचिव नियोजन आर मीनाक्षी सुंदरम कहते हैं कि-

    ऋषिकेश में गंगा नदी पर राफ्टिंग से जुड़ी अहम जानकारी

    ऋषिकेश में गंगा नदी पर मुख्यतया 4 जगहों से राफ्टिंग करवाई जाती है. इसमें कोडियाला, मरीन ड्राइव, ब्रह्मपुरी और शिवपुरी हैं. कोडियाला से करीब 36 किलोमीटर की राफ्टिंग होती है. इसमें करीब ₹2000 प्रति व्यक्ति चार्ज किया जाता है. मरीन ड्राइव से 22 किलोमीटर की राफ्टिंग होती है. इसमें ₹1500 प्रति व्यक्ति चार्ज किया जाता है. शिवपुरी से 18 किलोमीटर की राफ्टिंग के लिए 800 से ₹1000 देने होते हैं. ब्रह्मपुरी से 9 किलोमीटर के लिए 600 से 750 रुपए प्रति व्यक्ति देना होता है. गंगा नदी पर होने वाली विजय राफ्टिंग 1 सितंबर से 30 जून तक करवाई जाती है. मानसून सीजन के दौरान राफ्टिंग बंद करवा दी जाती है.

    सबसे ज्यादा पर्यटक गंगा नदी में राफ्टिंग करने आते हैं: हालांकि उत्तराखंड में गंगा नदी के अलावा काली नदी, अलकनंदा, यमुना, टौंस, पिंडर और भागीरथी पर भी राफ्टिंग हो रही है. लेकिन सबसे ज्यादा पर्यटक गंगा नदी पर होने वाली राफ्टिंग में ही आते हैं. इसकी वजह राफ्टिंग का ऋषिकेश शहर के करीब होना है. इसके अलावा दुनिया भर से योग के लिए ऋषिकेश आने वाले देशी और विदेशी पर्यटक राफ्टिंग करने के लिए भी पहुंचते हैं. इतना ही नहीं चारधाम यात्रा में आने वाले पर्यटकों के अलावा ऋषिकेश के आश्रम और आध्यात्म के लिए पहुंचने वाले पर्यटक भी राफ्टिंग का लुत्फ उठाते हैं.

    ऋषिकेश में राफ्टिंग से जुड़ी समस्याएं: गंगा नदी में राफ्टिंग करने के लिए लाखों पर्यटक तो पहुंच रहे हैं, लेकिन देखा जाए तो ऋषिकेश में राफ्टिंग के लिए सरकार कुछ खास कर ही नहीं पाई है. यहां सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक की बनी हुई है. इस कारण विदेशी पर्यटकों का धीरे-धीरे यहां से मोह भंग हो रहा है. राफ्ट को गंगा नदी तक पहुंचने में काफी वक्त लग जाता है. सड़क पर भी ट्रैफिक के कारण पर्यटकों को काफी समय तक राफ्टिंग के लिए इंतजार करना पड़ता है. यहां ना तो पार्किंग की उचित व्यवस्था है और ना ही राफ्टिंग ऑपरेटर्स को ही कोई सुविधा दी गई है. यही नहीं पर्यटकों के लिए शौचालय और चेंजिंग रूम की व्यवस्था भी यहां नहीं है. इन तमाम समस्याओं के बीच राफ्टिंग बेस स्टेशन तैयार करते समय इन जरूरी व्यवस्थाओं को पूरा किया जाएगा. इसके अलावा राफ्टिंग बेस स्टेशन में आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाजनक स्थितियों को भी तैयार किया जाएगा.

    सुरक्षित राफ्टिंग होगी प्राथमिकता: साहसिक खेलों के दौरान सेफ्टी पॉलिसी सबसे महत्वपूर्ण होती है. ऐसे में राफ्टिंग को सुरक्षित बनाने के लिए भी कुछ जरूरी कदम उठाए जाने हैं. इसमें सबसे महत्वपूर्ण राफ्टिंग से जुड़े लोगों को प्रशिक्षित करना है. अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से राफ्टिंग करवाने वालों को प्रशिक्षण देना जरूरी है. इसके साथ ही तमाम सेफ्टी इक्विपमेंट की उपलब्धता को भी फुलफिल करना होगा. इसके लिए वर्ल्ड राफ्टिंग फेडरेशन समेत तमाम अंतरराष्ट्रीय स्तर के संगठनों द्वारा बनाए गए मानकों को लागू करना होगा.

    राफ्टिंग के नाम पर सुविधाएं ना के बराबर: गंगा नदी में राफ्टिंग कराने वाले ऑपरेटर्स की संख्या करीब 250 तक है. इनके जरिए करीब 1000 राफ्ट चलाई जाती हैं. गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति इस पूरी एक्टिविटी को नियंत्रित करती है. गंगा नदी में अब किसी भी नए ऑपरेटर को परमिट देने की पाबंदी भी लगा दी गई है.

    Post Views: 1,085

    chhattisgarh Hindi khabar Hindi news hindinews Raipur Today latest news Today news
    Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Email Tumblr
    Previous Articleचाय की कीमत से भी कम का निवेश, बुढ़ापे में मिलेगी 5 हजार रुपये की पेंशन, सरकार चला रही स्कीम…
    Next Article क्या होता है गोल्डन ऑवर,सड़क दुर्घटना में घायल लोगों के लिए क्यों है खास, सरकार किसे देगी 25 हजार रुपये,जाने…
    Tv 36 Hindustan
    • Website

    Related Posts

    प्रदेश में चला साइलेंट ऑपरेशन लोटस चुनाव के वक्त ही बन गई थी नीतीश को हटाने की रणनीति, सवालों के घेरे में BJP…

    March 5, 2026

    नीतीश कुमार ने भरा राज्यसभा नामांकन नए मुख्यमंत्री को लेकर सियासी हलचल तेज…

    March 5, 2026

    दीर्घकालिक विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा राज्य नीति आयोग सीएम साय…

    March 5, 2026

    रेल मंडल में बड़ा हादसा सिग्नल ओवरशूट के बाद मालगाड़ी के 9 डिब्बे पटरी से उतरे…

    March 5, 2026

    Comments are closed.

    Ads
               
               
    × Popup Image
    -ADS-
    -Ads-
    Ads
    Ads
    About
    About

    tv36hindustan is a News and Blogging Platform. Here we will provide you with only interesting content, and Valuable Information which you will like very much.

    Editor and chief:- RK Dubey
    Marketing head :- Anjali Dwivedi
    Address :
    New Gayatri Nagar,
    Steel Colony Khamardih Shankar Nagar Raipur (CG).

    Email: tv36hindustan01@gmail.com

    Mo No. +91 91791 32503

    Recent Posts
    • प्रदेश में चला साइलेंट ऑपरेशन लोटस चुनाव के वक्त ही बन गई थी नीतीश को हटाने की रणनीति, सवालों के घेरे में BJP…
    • नीतीश कुमार ने भरा राज्यसभा नामांकन नए मुख्यमंत्री को लेकर सियासी हलचल तेज…
    • दीर्घकालिक विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा राज्य नीति आयोग सीएम साय…
    • रेल मंडल में बड़ा हादसा सिग्नल ओवरशूट के बाद मालगाड़ी के 9 डिब्बे पटरी से उतरे…
    • प्रदेश से दो महिलाएं राज्यसभा की दौड़ में भाजपा से लक्ष्मी वर्मा, कांग्रेस से फूलोदेवी नेताम ने भरा नामांकन…
    Pages
    • About Us
    • Contact us
    • Disclaimer
    • Home
    • Privacy Policy
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    © 2026 tv36hindustan. Designed by tv36hindustan.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Sign In or Register

    Welcome Back!

    Login to your account below.

    Lost password?