नई दिल्ली:- भारतीय रेलवे, आम आदमी के लिए जीवन रेखा होने के साथ-साथ, देश के पर्यटन को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
रोजाना लगभग 13,000 पैसेंजर, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन के अलावा, भारतीय रेलवे यात्रियों को असाधारण अनुभव प्रदान करने के लिए कुछ लग्जरी ट्रेनों का भी संचालन करता है. दिलचस्प बात यह है कि इन लग्जरी ट्रेनों का संचालन भारतीय रेलवे स्वयं नहीं करता, बल्कि विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों और राज्य सरकारों के पर्यटन विकास निगमों द्वारा किया जाता है. आइए, इन शानदार ट्रेनों के बारे में विस्तार से जानते हैं और पिछले तीन सालों में इनसे हुई कमाई पर एक नजर डालते हैं:
भारत की प्रमुख लग्जरी ट्रेनें
पैलेस ऑन व्हील्स: 1982 में शुरू हुई यह भारत की पहली और सबसे प्रतिष्ठित लग्जरी ट्रेन है. राजस्थान पर्यटन विकास निगम और भारतीय रेलवे के संयुक्त तत्वावधान में संचालित, यह ट्रेन यात्रियों को शाही अंदाज में राजस्थान की संस्कृति और विरासत से रूबरू कराती है. दिल्ली से शुरू होकर यह ट्रेन जयपुर, सवाई माधोपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, जैसलमेर, जोधपुर, भरतपुर और आगरा होते हुए वापस दिल्ली पहुंचती है. ट्रेन का आंतरिक साज-सज्जा राजस्थानी महलों से प्रेरित है और इसमें ऑनबोर्ड रेस्टोरेंट, बार और स्पा जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं.
महाराजास एक्सप्रेस: महाराजास एक्सप्रेस को भारत की सबसे महंगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत लग्जरी ट्रेन माना जाता है. IRCTC द्वारा 2010 में शुरू की गई इस ट्रेन में चार अलग-अलग रूट हैं: Heritage of India, Indian Panorama, Treasures of India और The Indian Splendour. हर रूट भारत की एक अनूठी छवि प्रस्तुत करता है. ट्रेन में प्रेसिडेंशियल सुइट, पर्सनल बटलर, बार, रेस्टोरेंट और शॉपिंग कोच जैसी सुविधाएं यात्रियों को शाही अनुभव कराती हैं.
डेक्कन ओडिसी: महाराष्ट्र पर्यटन और भारतीय रेलवे की साझेदारी से चलने वाली डेक्कन ओडिसी मुख्य रूप से पश्चिम और दक्षिण भारत के ऐतिहासिक स्थलों पर केंद्रित है. इसके प्रमुख रूट्स में महाराष्ट्र स्प्लेंडर, इंडियन ओडिसी और ज्वेल्स ऑफ़ द डेक्कन शामिल हैं. यह ट्रेन यात्रियों को फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाएं प्रदान करती है और अजंता-एलोरा की गुफाओं से लेकर गोवा तक के पर्यटन स्थलों को कवर करती है.
गोल्डन चैरियट: दक्षिण भारत की एकमात्र लग्जरी ट्रेन, गोल्डन चैरियट कर्नाटक राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा संचालित है. इसके दो प्रमुख रूट हैं – Pride of Karnataka और Jewels of South, जो हम्पी, मैसूर, गोवा, बेलूर और हलबीड जैसे प्रमुख स्थलों को जोड़ते हैं. ट्रेन में स्पा, जिम और शानदार सुइट्स जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो यात्रा को आरामदायक और यादगार बनाती हैं.
पिछले 3 वर्षों में कमाई: हाल ही में सरकार ने संसद में एक लिखित जवाब में इन लग्जरी ट्रेनों से हुई कमाई का खुलासा किया. पिछले 3 वर्षों में इन 4 लग्जरी ट्रेनों ने कुल 162.10 करोड़ रुपये की कमाई की है.
किराया और बुकिंग: इन लग्ज़री ट्रेनों का किराया यात्रा के पैकेज और क्लास के अनुसार अलग-अलग होता है, जो प्रति व्यक्ति ₹2.5 लाख से ₹15 लाख तक हो सकता है. इस किराये में ऑनबोर्ड आवास, खानपान, दर्शनीय स्थलों की यात्रा, गाइड, एंट्री फीस और अन्य सेवाएं शामिल होती हैं. ये ट्रेनें मुख्यतः सितंबर से अप्रैल के बीच संचालित होती हैं. इनकी बुकिंग IRCTC की वेबसाइट, संबंधित राज्य पर्यटन बोर्ड की साइट या अधिकृत ट्रैवल एजेंसियों के माध्यम से की जा सकती है.