*भोपाल:* असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाने वाला विजयादशमी पर्व 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा। कभी शहर में एक ही स्थान, छोला पर रावण का दहन होता था, लेकिन इस बार शहर के दो दर्जन से अधिक बड़े मैदानों में रावण दहन का आयोजन किया जाएगा। भोपाल शहर के अलग – अलग कोनों में 250 से ज्यादा जगह रावण का दहन किया जायेगा। राजधानी भोपाल के कोलार में मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा रावण जलाया जायेगा। इसकी लम्बाई 105 फीट की होगी। शहर के अलग-अलग हिस्सों में 35 फीट से लेकर 105 फीट तक विजयादशमी के पर्व पर रावण का पुतला दहन किया जायेगा।शहर में ही करीब 250 जगह गली, मोहल्ले व कॉलोनियों में रावण दहन के लिए सडक़ किनारे चार फीट सेo लेकर 15 फीट तक के रावण बनकर बिक्री के लिए खड़े हैं। कारीगर बताते हैं कि इसके निर्माण की लागत 30 फीसदी तक बढ़ चुकी है। बाजार में 110 रुपए का आसाम का बांस 190 रुपए हो गया है। 500 रुपए से 50 हजार रुपए तक का रावण बिक्री के लिए रखा है। इनकी ऊंचाई चार फीट से लेकर 50 फीट तक है। 50 फीट का जो रावण पहले 25 हजार का था, वह आज 35 से 40 हजार रुपए तक पहुंच गया है।इस वर्ष विजयादशमी पर तीन बेहद खास और दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। ये तीनों शुभ योग रवि, सुकर्मा और धृति हैं, जो इस दिन को महत्वशाली बना रहे हैं। इस योग में पूजा पाठ करने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ेगी और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होगा। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार त्रेता युग में भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध कर असत्य पर सत्य को विजय दिलाई थी, इसलिए त्रेताकाल से आज तक इस दिन को विजयादशमी के रूप में मनाया जाता है।
