)नमक-चीनी में माइक्रोप्लास्टिक है यह बात सुनकर लोग काफी ज्यादा हैरान हो गए थे. लेकिन अब यह खबर आ रही है कि इंसान के दिमाग यानी ब्रेन में करीब 0.5 पर्सेंट प्लास्टिक जमा हो चुकी है.इस रिसर्च में यह खतरनाक खुलासा किया गया है कि प्लास्टिक के छोटे-छोटे कण शरीर के हिस्सों में जमा हो रहे हैं. प्राइवेट पार्ट से लेकर ब्रेन तक माइक्रोप्लास्टिक जमा हो रहे हैं. माइक्रोप्लास्टिक बेहद छोटे टुकड़े होते हैं.
1/5इन माइक्रोप्लास्टिक की साइज 5 मिलीमीटर से कम या 1 नैनोमीटर हो सकती है. यह प्लास्टिक खानेपीने के जरिए शरीर के अंदर जमा हो रहे हैं. पिछले 8 सालों में ब्रेन में हद से ज्यादा प्लास्टिक जमा हुए हैं.इन माइक्रोप्लास्टिक की साइज 5 मिलीमीटर से कम या 1 नैनोमीटर हो सकती है. यह प्लास्टिक खानेपीने के जरिए शरीर के अंदर जमा हो रहे हैं. पिछले 8 सालों में ब्रेन में हद से ज्यादा प्लास्टिक जमा हुए हैं.
2/5CNN की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2024 में एक डेडबॉडी का लैब में अच्छे से टेस्ट किया गया. फिर इसमें माइक्रोप्लास्टिक को लेकर रिसर्च किए गए. जिसमें उस व्यक्ति की उम्र 45 या 50 थी.CNN की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2024 में एक डेडबॉडी का लैब में अच्छे से टेस्ट किया गया. फिर इसमें माइक्रोप्लास्टिक को लेकर रिसर्च किए गए. जिसमें उस व्यक्ति की उम्र 45 या 50 थी.Continues below advertisement
3/5इसमें देखा गया कि व्यक्ति के दिमाग में 4800 माइक्रोग्राम प्लास्टिक जमा हो गया है. इसका मतलब यह है कि आज हमारा ब्रेन 99.5% ब्रेन है और बाकी प्लास्टिक है.इसमें देखा गया कि व्यक्ति के दिमाग में 4800 माइक्रोग्राम प्लास्टिक जमा हो गया है. इसका मतलब यह है कि आज हमारा ब्रेन 99.5% ब्रेन है और बाकी प्लास्टिक है.
4/5अमेरिका की न्यू मैक्सिको यूनिवर्सिटी में फार्मास्युटिकल साइंस के रीजेंट प्रोफेसर और स्टडी के लीड ऑथर मैथ्यू कैम्पेन ने कहा कि साल 2016 की तुलना में इन बीते सालों में तेजी से प्लास्टिक जमा हो रहे हैं. जिसके कारण बीमारियों का खतरा बढ़ा है.अमेरिका की न्यू मैक्सिको यूनिवर्सिटी में फार्मास्युटिकल साइंस के रीजेंट प्रोफेसर और स्टडी के लीड ऑथर मैथ्यू कैम्पेन ने कहा कि साल 2016 की तुलना में इन बीते सालों में तेजी से प्लास्टिक जमा हो रहे हैं. जिसके कारण बीमारियों का खतरा बढ़ा है.
5/5प्लास्टिक के छोटे-छोटे कण ब्रेन पर बहुत बुरा असर डालते हैं. डेडी बॉडी के टेस्ट के कारण पता चला है कि किडनी-लिवर की तुलना में ब्रेन में काफी ज्यादा प्लास्टिक जमा हुए हैं.प्लास्टिक के छोटे-छोटे कण ब्रेन पर बहुत बुरा असर डालते हैं. डेडी बॉडी के टेस्ट के कारण पता चला है कि किडनी-लिवर की तुलना में ब्रेन में काफी ज्यादा प्लास्टिक जमा हुए हैं.
