रायपुर:- साय कैबिनेट में ऐतिहासिक फैसला लेते हुए दिसंबर में बर्खास्त किए गए सभी 2621 बीएड डिग्री धारी शिक्षकों की सेवा फिर से बहाल कर दी है. इन सभी लोगों को सहायक शिक्षक विज्ञान प्रयोगशाला के पद पर समायोजन किया गया है. इस बात के लिए अधिसूचना भी जारी कर दी गई है.
साय कैबिनेट की बैठक में बड़ा फैसला: आज महानदी भवन में हुए कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया है.सरकार ने फैसला लिया है कि सभी बर्खास्त किए गए शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान प्रयोगशाला के पद पर बहाल किया जाएगा. आपको बता दें इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इन सभी शिक्षकों की सेवा बर्खास्त की गई थी. जिसके बाद यह लोग लगातार भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे.
बर्खास्त शिक्षकों ने की थी सीएम साय से मुलाकात: दो सप्ताह पहले इन सभी शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी और मुख्यमंत्री ने इन्हें भरोसा दिया था कि सरकार जल्द ही इस पर कोई निर्णय लेगी. उसके बाद सहायक शिक्षकों ने अपना भूख हड़ताल खत्म कर दिया था और 30 अप्रैल को सरकार ने अंतत इनके नियोजन के आदेश को जारी कर दिया. इसके बाद अब 2621 शिक्षकों की फिर से बहाली सरकार में हो जाएगी.
शिक्षकों ने किया था प्रदर्शन: बर्खास्त किए जाने के बाद सहायक शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया था. सबसे पहले इन शिक्षकों ने भाजपा कार्यालय का घेराव किया था. जिसके बाद से यह विषय काफी चर्चा में आ गया था. शिक्षक लगातार 1 महीने से ज्यादा हड़ताल पर रहे थे और उन लोगों ने जल सत्याग्रह से लेकर के निर्वस्त्र होकर के रायपुर की सड़कों पर प्रदर्शन किया था. वित्त मंत्री ओपी चौधरी के बंगले का भी घेराव किया था साथ ही रमन सिंह और दूसरे तमाम मंत्री और जनप्रतिनिधियों से मिलकर के अपनी बात को रखा भी था. सरकार ने शिक्षकों की मांग को मानते हुए अब उन्हें फिर से सरकारी सेवा में समायोजित कर लिया है.
डीएलएड की जगह बीएड डिग्री धारकों की हुई थी बहाली: दरअसल इस पूरे मामले में सरकार ने बीएड धारकों की बहाली वैसे पद पर की थी जहां पर डीएलएड शिक्षकों को बहाल होना था और इसी मामले को लेकर सभी डीएलएड शिक्षक सुप्रीम कोर्ट गए थे. जिसमें उन्हें जीत मिली थी. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यह नहीं कहा था कि जो शिक्षक अभी तक रहे हैं उन्हें निकाल दिया जाए. उन्होंने राज्य सरकार के ऊपर इस बात का निर्णय छोड़ दिया था कि इस विषय पर राज्य सरकार निर्णय ले सकती है. लेकिन राज्य सरकार ने उनकी सेवा बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया था. जिसके बाद से लगातार शिक्षक धरना दे रहे थे और अपनी बात को सरकार के समक्ष रख भी रहे थे.