रीवा/भोपाल:- रीवा एयरपोर्ट को लोकार्पण से पहले ही बड़ी उपलब्धि मिली है. एयरपोर्ट को डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएश का लाइसेंस मिल गया है. इससे अब रीवा एयरपोर्ट से यात्री विमानों के साथ ही मालवाहक विमान भी उड़ान भर सकेंगे. ये सुविधा मिलने से रीवा क्षेत्र में ट्रांसपोर्टेशन की गति में तेजी आएगी. इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने X पर ट्विट करते हुए पूरे प्रदेश को बधाई दी है और केंद्र सरकार का अभार जताया है.
विकसित मध्यप्रदेश की ओर एक और कदम… ✈️
मध्यप्रदेश के विंध्य क्षेत्र में स्थित रीवा एयरपोर्ट को डीजीसीए का लाइसेंस प्राप्त हुआ है, जिससे प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिलेगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का विस्तार होगा।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में…
पीएम मोदी बहुत जल्द करेंगे लोकार्पण
दरअसल, रीवा में एयरपोर्ट बनकर पूरी तरह से तैयार है. 207 करोड़ की लागत से बने एयरपोर्ट का जल्द ही शुभारंभ होने वाला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर रीवा एयरपोर्ट लोकार्पण करेंगे. बता दें कि इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, खजुराहो, जबलपुर के बाद रीवा मध्य प्रदेश का 6वां एयरपोर्ट होगा, जिसे DGCA ने मंजूरी दी है. अब यहां से यात्री विमानों के साथ ही अब मालवाहक विमान भी उड़ान भर सकेंगे. इससे क्षेत्र की आर्थिक गति तेज होगी.
डेढ़ साल में भव्य एयरपोर्ट बनकर तैयार
रीवा हवाईपट्टी को एयरपोर्ट में तब्दील करने का कार्य 2023 में शुरू हुआ था. तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 15 फरवरी 2023 को इसका शिलान्यास किया था. 750 वर्गमीटर में फैले इस टर्मिनल को पूरा बनकर तैयार होने में डेढ़ साल का वक्त लगा. लंबे समय से इस क्षेत्र की जनता एयरपोर्ट की मांग कर रही थी. उत्तरप्रदेश का प्रयागराज नजदीक होने से वहां के लोगों को भी इसका फायदा मिलेगा. रीवा एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी के लिए रीवा और आसपास के शहरों से बेहतर रोड़ कनेक्टिविटी तैयार कराई गई है. रीवा में रिंग रोड बन चुका है. सीधी और सतना के यात्रियों के लिए भी आवागमन सुलभ हुआ है.
अब दिन और रात में एयरक्राफ्ट भर सकेंगे उड़ान
रीवा एयरपोर्ट से 6 माह पहले एयरक्राफ्ट की लैंडिंग हुई थी. इसमें सवार होकर उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा से खजुराहो तक के लिए उड़ान भरी थी. पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा के तहत भोपाल से जबलपुर होकर रीवा और सिंगरौली तक एयर टैक्सी सेवा चल रही है. डीजीसीए का लाइसेंस मिलने के बाद अब इस एयरपोर्ट पर 72 सीटर एयरक्राफ्ट भी दिन और रात में लैंड कर सकेंगे. विंध्य क्षेत्र में पॉवर प्लांट और कोल माइंस सहित करीबन 29 बड़े प्रोजेक्ट संचालित हैं. इसके अलावा यहां एशिया का सबसे बड़ा सोलर पॉवर प्लॉट, बांधवगढ़ नेशनल पार्क, मुकुंदपुर व्हाइट सफारी सहित कई धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल मौजूद हैं.
