हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में चक्की नदी पर अचानक आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त रेलवे पुल ढह गया। आज भी भारी बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में तबाही की बारिश हो रही है। शिमला में भी मूसलाधार बारिश जारी है. कांगड़ा, चंबा, मंडी में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। राज्य में बीते 24 घंटों में 30 से ज्यादा फ्लैश फ्लड रिपोर्ट हुए हैं. 22 लोगों की मौत और 6 लापता हो गए हैं। पंजाब और हिमाचल को जोड़ने वाला रेलवे का चक्की पुल बह गया।
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के 9 जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है, जिसमें कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला, सिरमौर, सोलन, ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर शामिल है। इन जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। सबसे ज्यादा नुकसान मंडी, कांगड़ा और चंबा जिलों में हुआ है. मंडी में मनाली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग और शोघी में शिमला-चंडीगढ़ राजमार्ग सहित 743 सड़कों को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है. तलाशी अभियान के बाद एक परिवार के आठ सदस्यों के शव उनके घर के मलबे से निकाले गए.
मकान भूस्खलन में ढह गया था. भारी बारिश की वजह से सबसे ज्यादा नुकसान मंडी, कांगड़ा और चंबा जिले में हुआ है. राज्य में पिछले 24 घंटे के दौरान मौसम की वजह 36 घटनाएं दर्ज की गई हैं. मंडी में मनाली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग और शोघी में शिमला-चंडीगढ़ राजमार्ग समेत 743 सड़कों को जलभराव की वजह से आवाजाही बंद कर दिया गया है. अकेले मंडी जिले में बाढ़ और भूस्खलन के कारण 13 लोगों की मौत हो गई और पांच लापता हो गए.
भारी बारिश के बीच जगह-जगह भूस्खलन होने से मलबे की चपेट में आकर कई मकानों को नुकसान पहुंचा है। धर्मशाला-कांगड़ा एनएच पर सकोह में भी मलबा गिरने से तीन घंटे मार्ग बंद रहा। जिला मंडी में पधर-जोगिंद्रनगर वाया नौहली मार्ग पर भी पहाड़ का मलबा गिरने से यातायात प्रभावित है। हिमाचल प्रदेश के चंबा भरमौर पठानकोट राष्ट्रीय उच्चमार्ग पर सड़क धंसने के कारण एक बस खाई में गिरने से बाल-बाल बची। अगले तीन दिनों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है।