न्यूयॉर्क । दिसंबर के अंत में 15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के निर्वाचित सदस्य के रूप में भारत का दो साल का कार्यकाल समाप्त होने से पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर आतंकवाद रोधी दो बैठकों की अध्यक्षता करने के लिए मंगलवार को यहां पहुंचे। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रूचिरा कंबोज ने ट्वीट किया, ”संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की जारी अध्यक्षता के दौरान अपने विदेश मंत्री एस जयशंकर की अगवानी कर खुश हूं।
मंत्री द्विपक्षीय एवं महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के अलावा संयुक्त राष्ट्र में भारत की एक दिवसीय बैठकों की अध्यक्षता करेंगे।जयशंकर 14 दिसंबर को प्रथम बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जो सुरक्षा परिषद पर एक मंत्रीस्तरीय खुली चर्चा होगी। इसके अगले दिन 15 दिसंबर को भारत वैश्विक आतंकवाद पर सुरक्षा परिषद की एक ब्रीफिंग आयोजित करेगा। बैठक से पहले भारत द्वारा नये बहुपक्षतावाद पर जारी एक अवधारणा ‘नोटÓ में कहा गया है, ”दुनिया 77 साल पहले जैसी नहीं है। संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों की मौजूदा संख्या 1945 की संख्या की तिगुनी से अधिक है, जो 193 है। हालांकि, वैश्विक शांति व सुरक्षा के लिए जिम्मेदार सुरक्षा परिषद की संरचना आखिरी बार 1965 में निर्धारित की गई थी और यह संयुक्त राष्ट्र की व्यापक सदस्यता की सच्ची विविधता को प्रदर्शित करने से कोसों दूर है।
पिछले सात दशकों में आतंकवाद, कट्टरपंथ, महामारी, नयी एवं उभरती प्रौद्योगियों से खतरे, सरकार के नियंत्रण से बाहर के तत्वों की विध्वंसकारी भूमिका और तीव्र होती भूराजनीतिक प्रतिस्पर्धा जैसी नयी वैश्विक चुनौतियां उभरी हैं। अवधारणा नोट में कहा गया है, ”ये सभी चुनौतियां एक मजबूत बहुपक्षीय प्रतिक्रिया की मांग करती है। इसमें कहा गया है, ”राजनीतिक सुविधा के आधार पर आतंकवादियों को बुरा, ज्यादा बुरा नहीं या अच्छा के रूप में वर्गीकृत करने का युग समाप्त होना चाहिए।जयशंकर संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में महात्मा गांधी की एक आवक्ष प्रतिमा का भी अनावरण करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सुरक्षा परिषद की भारत की 2021 की अध्यक्षता के दौरान संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के खिलाफ अपराध के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने पर आमसहमति से एक प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। जयशंकर के संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस और संयुक्त राष्ट्र महासभा के 77वें सत्र के अध्यक्ष कसाबा कोरोसी के साथ चर्चा करने की भी उम्मीद है। भारत ने सुरक्षा परिषद की बारी-बारी से सौंपी जाने वाली मासिक अध्यक्षता एक दिसंबर को संभाली थी।
अगस्त 2021 के बाद यह दूसरी बार है, जब भारत यूएनएससी सदस्य के रूप में दो साल के अपने कार्यकाल के दौरान परिषद की अध्यक्षता कर रहा है। भारत ने जोर देते हुए कहा है कि यह परिषद अपने मौजूदा रूप में आज की भूराजनीतिक वास्तविकताओं को प्रदर्शित नहीं करती है।