नई दिल्ली. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने लोन पर फंड्स बेस्ड लैंडिंग रेट (MCLR) में बदलाव किया है, जिसे लोन पर ब्याज दरें कम हो गई हैं. दरअसल भारतीय स्टेट बैंक ने एमसीएलआर की नई मार्जिनल कॉस्ट का ऐलान किया है. एसबीआई ने एमसीएलआर अवधि की ब्याज दर में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है, हालांकि अन्य दरें अपरिवर्तित हैं. संशोधित एमसीएलआर 15 अक्टूबर से प्रभावी हो गया है
? जानिएMCLR यानी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ़ फ़ंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट. यह वह न्यूनतम ब्याज़ दर है जिस पर बैंक अपने ग्राहकों को लोन दे सकते हैं. MCLR एक इंटरनल बेंचमार्क है जिसका उपयोग बैंक, लोन पर ब्याज़ दर तय करने के लिए करते हैं.क्या हैं नए MCLR रेटएसबीआई ने एमसीएलआर-बेस्ड रेट्स को 8.20% से 9.1% के दायरे में एडजस्ट किया है. इसमें ओवरनाइट एमसीएलआर रेट 8.20% है, एक महीने के लिए यह दर 8.45% से घटाकर 8.20% कर दी गई है. वहीं, छह महीने की एमसीएलआर 8.85% पर निर्धारित की गई है, एक साल की एमसीएलआर को 8.95% पर संशोधित किया गया है, जबकि दो साल की एमसीएलआर को संशोधित कर 9.05% किया गया है.
इसके अलावा तीन साल के लिए एमसीएलआर रेट 9.1% है.क्या हैं एसबीआई में ब्याज दरेंएसबीआई का बेस रेट 10.40% है, जिसे बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट (BPLR) को 15 सितंबर से 15.15% प्रति वर्ष के रूप में संशोधित किया गया है. एसबीआई होम लोन एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR) 9.15% है. होम लोन पर, उधारकर्ता के CIBIL स्कोर के आधार पर ब्याज दरें 8.50% से 9.65% के बीच अलग-अलग हो सकती हैं.
