रायपुर:- छत्तीसगढ़ में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है. पहले चरण में स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है. इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से आदेश जारी कर दिया गया है. तय समय सारणी के अनुसार स्कूलों के युक्ति उपकरण की प्रक्रिया चल रही है. स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से जारी आदेश के अनुसार कुल 10 हजार 443 स्कूलों का युक्तिकरण किया जाएगा. जिसमें ई संवर्ग के 5849 और टी संवर्ग के 4614 स्कूल शामिल है.
युक्तियुक्तकरण का आदेश जारी: युक्तिकरण को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहले ही कह चुके है कि ”युक्तियुक्तकरण बच्चों के हित में है. आज पूरे प्रदेश में अनबैलेंस है, हमारे 300 स्कूल शिक्षक विहीन हैं. 5000 स्कूल एक शिक्षकीय हैं और कई स्कूल ऐसे हैं, जहां पर बच्चों से ज्यादा शिक्षक हैं. इस असमानता को खत्म करने के लिए युक्तियुक्तकरण है. इससे शिक्षा की गुणवत्ता में काफी सुधार होगा, बच्चों के हित में यह युक्तियुक्तकरण है.”
तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा: प्रदेश में वर्तमान में 30 700 शासकीय प्राथमिक शालाएं संचालित हो रही हैं, जिनमें छात्र-शिक्षक अनुपात 21.84 है. वहीं 13149 पूर्व माध्यमिक शालाओं में यह अनुपात 26.2 है, जो राष्ट्रीय औसत की तुलना में बेहतर स्थिति को दर्शाता है. इसके बावजूद कई विद्यालयों में शिक्षक संसाधनों की कमी देखने को मिल रही है. वर्तमान में प्रदेश की 212 प्राथमिक शालाएं पूर्णतः शिक्षक विहीन हैं, जबकि 6 हजार 872 प्राथमिक शालाएं एकल शिक्षकीय हैं. इसी प्रकार 48 पूर्व माध्यमिक शालाएं शिक्षक विहीन हैं तथा 255 शालाएं एकल शिक्षकीय श्रेणी में आती है.