मध्यप्रदेश:- महाभारत में शकुनि ऐसा पात्र है, जिसको महाभारत के महायुद्ध का विलेन और जिम्मेदार माना जाता है. ये शकुनि मामा के नाम से प्रसिद्ध हुए.
महाभारत युद्ध में इन्होंने कौरवों की ओर से लड़ाई लड़ी लेकिन शकुनि जानता था कि इस युद्ध में कौरवों की हार होगी, बावजूद इसके उसने अपना बदला लेने के लिए अपनी बहन के खानदान का सर्वनाश करवा दिया.
शकुनि ने भारत के हस्तिनापुर में अधिकतर समय बिताया लेकिन उसका अफगानिस्तान से क्या नाता था. आइए जानते हैं.
शकुनि का अफगानिस्तान से रिश्ता
शकुनि गांधार आज का कंधार साम्राज्य का राजा था. कंधार अफगानिस्तान में है. महाभारत के समय में गंधार एक शक्तिशाली साम्राज्य था. आज के दौर में अफगानिस्तान का कंधार तालिबान का गढ़ माना जाता है. यहां तालिबानी हुकूमत चलती है.
तालिबान के संस्थापक मौलाना मुल्ला उमर का जन्म भी कंधार में हुआ था, जो कंधार प्लेन हाईजैक में शामिल था. 90 के दशक में कंधार जिन दो घटनाओं के लिए जाना गया. उनमें से एक था तालिबान का उदय और दूसरा था भारतीय विमान का अपहरण करके उसे कंधार ले जाना.
महाभारत का मास्टरमाइंड
शकुनि गांधारी का भाई था, यानी कौरव और पांडवों का मामा था. जिस राजनीतिक उद्देश्य से गान्धारी का विवाह धृतराष्ट्र से किया गया था. उसी को पूरा करने के लिए शकुनि हस्तिनापुर में रहा. दुर्योधन की कुटिल नीतियों के पीछे शकुनि का ही हाथ था.
शकुनि हस्तिनापुर के राजा और अपनी बहन के पति धृतराष्ट्र से अपने अपमान का बदला लेना चाहता था, इसलिए उसने कौरव और पांडवों को आपस में लड़ने पर मजबूर कर दिया.
किस अपमान का बदला लेना चाहता था शकुनि
शकुनि नहीं चाहता था कि उसकी बहन गांधारी का विवाह अंधे धृतराष्ट्र से हो. भीष्म के दबाव में गांधारी को धृतराष्ट्र से विवाह करना पड़ा. वहीं दूसरी वजह थी कि धृतराष्ट्र इस बात से अज्ञान थे कि गांधारी एक बकरे की विधवा हैं. जब यह बात खुली तो धृतराष्ट्र अपने ससुर सुबाला और शकुनि समेत उनके 100 पुत्रों को जेल में बंद कर दिया.
उनके साथ बहुत बुरा बर्ताव किया गया. राजा के सभी पुत्र मारे गए, उन्होंने धृतराष्ट्र से विनती की तो शकुनि को छोड़ दिया गया. सुबाल ने धृतराष्ट्र से वादा किया था कि शकुनि हमेशा कौरवों के साथ रहेगा लेकिन शकुनि कभी इस अपमान को नहीं भूला और उसने महाभारत युद्ध का षड़यंत्र रचा.
