
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एव पुलिस अधीक्षक कोरबा के मार्गदर्शन वं संयुक्त प्रयास से शासकीय इं.वि.पीजी महाविद्यालय कोरबा में “युवाओं में विधि शिक्षा एवं जागरूकता” अपराधों एफआईआर व झूठी गवाही विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
उप निरीक्षक कृष्णा साहू ने इस कार्यक्रम की पृष्ठभूमि बताते हुये कहा कि महाविद्याल में विधिक शिक्षा वर्तमान समय में युवाओं के लिये आवश्यक है। इस प्रकार के कार्यक्रमों की आवश्कता है निश्चित ही इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को कानूनी शिक्षा का लाभ होगा। छात्रों के नैतिक विकास के लिये किशोरावस्था मुख्य पड़ाव होता है इसी आयु में छात्र दिगभ्रमित होते है।

ऐसी शिक्षाओ से वे सचेत एवं जागरूक बने रहेंगे। पुलिस, न्यायालय और महाविद्यालय के संयुक्त कार्यक्रम के लिए आम जनता जन्म से लेकर मृत्यु तक विधि और प्रशासन से जुड़ा रहता है, इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्रायें न केवल सैद्धांतिक बल्कि प्रायोगिक रूप में विधि और प्रशासन के विभिन्न जानकारियों से जुड़ सकेंगे। जनता के लिये प्रशासन सरलीकृत हो इस दिशा में भी अध्ययन अध्यापन और विश्लेषण की आवश्यकता है।
प्राचार्य आर के सक्सेना ने इस पूरे कार्यक्रम पर प्रसन्नता जाहिर की और कहा कि आज के समय में साइबर अपराध और अन्य अपराधों से युवा जगत को सचेत होना चाहिये। महाविद्यालय युवाओं का अंतिम पड़ाव होता है और इसके बाद युवा समाज कार्य की ओर अग्रसर होते हैं ,अतः महाविद्यालयों में विधि शिक्षा एवं जागरूकता की आवश्यकता सदैव रही है ,ताकि जब युवा समाज में जाये तो अपराधों से स्वयं भी सचेत रहे और दूसरों को भी सचेत करें। ऐसे कार्यक्रम पी जी कॉलेज में आगे भी संचालित रहेगा ।

महाविद्यालय के विधि विभाग के सहायक प्राध्यापकों अनुपमा पटेल एवं स्वीटी ठाकुर, पुलिस प्रशासन व न्यायालय के सहयोग से जागरूकता व्याख्यान तैयार किया विधिक सलाहकार रमाकांत दुबे व अहमद खान विधि ही नहीं सम्पूर्ण महाविद्यालयीन विद्यार्थियों को कनूनी शिक्षा से जुड़ना चाहिए इस शुभारंभ अवसर पर शासकीय इं.वि.पीजी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.आर.के. सक्सेना के आतिथ्य में कार्यक्र आयोजन हुआ छात्र-छात्राओं ने उत्साहित हो आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन सहा प्रा विधि अनुपमा पटेल एवं सहा प्रा विधि स्वीटी ठाकुर द्वारा किया गया पुलिस उपनिरीक्षक कृष्णा साहू, सहा.प्राध्यापक डॉ.संजय यादव, डॉ दिनेश श्रीवास,अनुपमा पटेल, स्वीटी ठाकुर सहायक और महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों का उपस्थित सहयोग एवं मार्गदर्शन रहा।