महाराष्ट्र:- शिंदे पिछले एक महीने में सात बार दिल्ली का दौरा कर चुके हैं और हर दौरे के बाद कैबिनेट विस्तार की अटकलें लगाई जा रही हैं. कैबिनेट विस्तार में देरी को लेकर सीएम विपक्ष के निशाने पर भी रहे हैं. महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता अजीत पवार ने कहा कि शिंदे ने अपने साथ आने वाले हर विधायक को मंत्री पद देने का वादा किया था. पवार ने कहा कि ‘अब शिंदे अपना वादा पूरा नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए कैबिनेट विस्तार में देरी हो रही है. मुख्यमंत्री को यह भी बताना चाहिए कि देरी किस वजह से हुई पवार ने यह भी कहा कि मंगलवार को होने वाले कैबिनेट विस्तार के लिए अब तक उनके पास कोई आमंत्रण नहीं आया है. उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि शिंदे समूह में गए शिवसेना के सभी 40 बागी विधायकों को मंत्री पद नहीं मिलेगा. एक राजनीतिक पर्यवेक्षक ने कहा, “महाराष्ट्र में तेलंगाना की तुलना में कम देरी हुई है, जहां 2019 में मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने पूर्ण मंत्रिपरिषद बनाने के लिए दो महीने से अधिक समय तक इंतजार किया.”
बीजेपी से चंद्रकांत पाटिल, सुधीर मुनगंटीवार, राधाकृष्ण विखे पाटिल, गिरीश महाजन, रवींद्र चव्हाण, मंगल प्रभात लोढ़ा, किसान कठौर और नितेश राणे को कैबिनेट में जगह मिल सकती है. वहीं दादा भुस, संदीपन भुमरे, उदय सामंत, गुलाबराव पाटिल, संजय शीर्षठ और अनिल बाबर को शिवसेना से मंत्री बनाया जा सकता है.