मुंबई के शिवाजी पार्क मैदान में दशहरा रैली को लेकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका से उद्धव ठाकरे गुट के अलावा एकनाथ शिंदे गुट को झटका लगा है. बीएमसी ने उद्धव और शिंदे गुट को शिवाजी पार्क मैदान में दशहरा रैली को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है.
बीएमसी ने पत्र भेजकर मंजूरी देने से किया इनकार
बीएमसी (BMC) ने एकनाथ शिंदे गुट के विधायक सदा सर्वांकर को सूचित किया है कि शिवाजी पार्क मैदान में दशहरा रैली के लिए उनका आवेदन कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए खारिज कर दिया गया है. इसका मतलब यह भी है कि शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट को भी शिवाजी पार्क की अनुमति नहीं मिल रही है.
बीएमसी ने क्यों रद्द किया दोनों गुटों का आवेदन
शिंदे और उद्धव दोनों विरोधी पक्षों ने शिवाजी पार्क मैदान में दशहरा रैली (Dussehra Rally) आयोजित करने के लिए आवेदन किया था. यदि किसी एक पक्ष को अनुमति दी जाती है, तो यहां संवेदनशील क्षेत्र में गंभीर कानून व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती थी, इसलिए बीएमसी ने दोनों गुटों के आवेदन को खारिज कर दिया और अनुमति देने से इनकार कर दिया.
अब आगे क्या करेंगे शिंदे और उद्धव गुट?
एकनाथ शिंदे गुट ने पहले ही अपने बैकअप प्लान के रूप में एमएमआरडीए मैदान बुक कर लिया है. वहीं, उद्धव ठाकरे गुट ने पहले ही बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है, जिसपर आज (22 सितंबर) सुनवाई हो सकती है.
उद्धव गुट ने समर्थकों को शिवाजी पार्क पहुंचने को कहा
इससे पहले उद्धव ठाकरे गुट ने एक पोस्टर जारी कर शिवसैनिकों को दशहरा रैली के लिए शिवाजी पार्क (Shivaji Park) पहुंचने को कहा था. उद्धव गुट ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए एक पोस्टर जारी किया था और कहा हिंदुत्व अब पार्टी की इच्छा शक्ति और ताकत होगी. इसके साथ ही उद्धव गुट ने पोस्टर के जरिए कहा था कि अब धोखेबाजों को कोई माफी नहीं दी जाएगी.