*अजय लुनिया, कहते हैं कि वे श्री महालक्ष्मी ज्वेलर्स वॉल्यूम आधारित आभूषणों की बिक्री में विश्वास रखते हैं। और वो भी अपने विस्तार में बिना किसी भी निर्भरता के 11 अगर आप आज ऋण लेने जाते हैं तो बैंक न्यूनतम 12 फीसदी ब्याज लेता है। यह राशि भारतीय अर्थव्यवस्था से तीन गुना अधिक है। हम अपने विस्तार और ग्राहकों के लाभ के लिए ऋण पर निर्भर कैसे रह सकते हैं, इसके बारे में श्री अजय बताते है श्री महालक्ष्मी ज्वेलर्स बाजार में अपने नटोक और आभूषणों की विस्तृत श्रृंखला के साथ मजबूती से खड़ा है. इस आभूषण संस्थान में हीरे के आभूषणों की सबसे न्यूनतम कीमतें उपलब्ध होती है, जो विश्व में सबसे कम है। श्री महालक्ष्मीर्स इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (आईजीआई) के गारंटी सर्टिफिकेट के साथ और अपनी मूल्य व पारदर्शिता के आदर्श बंधन के साथ है।गुणवत्ता और शुद्धता बनी एक अलग पहचान राजधानी रायपुर के कोतवाली चौक स्थित श्री महालक्ष्मीर्स आभूषण कारोबार में विश्वसनीयता और पारदर्शिता का पर्याय है।
आभूषणों में गुणवत्ता और शुद्धता के कारण ज्वेलरी बिजनेस में यह एक स्थापित और भरोसेमंद ब्रांड में से एक है। ना केवल रायपुर बल्कि प्रदेश की अन्य जगहों से आने वाले आभूषण खरीदारों के बीच इसकी एक अलग और खास जगह है। उच्चतम नैतिक मानक, उत्कृष्टता और प्रतिबद्धता इस ज्वेलरी शोरूम को दूसरों से अलग करती है। वहीं, इनकी ग्राहक सेवा सराहनीय है और आभूषण संग्रह में विविधता बाजार में अपने भरोसेमंद नाम के लिए सर्वोच्च है। इनके पास आधुनिक और पारंपरिक आभूषण डिजाइन की अनूठी रेज है।
डायरेक्टर अजय लुनिया का कहना है कि श्री महालक्ष्मी ज्वेलर्स वॉल्युम आधारित आभूषणों की बिक्री में विश्वास रखता है और वो भी अपने विस्तार में बिना किसी निर्भरता के यदि आप आजऋण लेने जाते हैं तो बैंक न्यूनतम 12 फीसदी आज लेता है जो कि भारतीय अर्थव्यवस्था से तीन गुना अधिक है। तो हम अपने विस्तार और ग्राहकों के फायदे के लिए ऋण पर कैसे निर्भर रह सकते हैं। अजय बताते हैं कि श्री महालक्ष्मी ज्वेलर्स, स्टॉक और आभूषणों की विस्तृत श्रृंखला के साथ बाजार में मजबूती के साथ खड़ा है, जिसकी आज कई ब्राइस में कमी है।
सबसे न्यूनतम कीमतों में हीरे के आभूषण संस्थान उपलब्ध करता है जो कि विश्व में हीरे के आभूषण की सबसे कम कीमत है। आईजीआई (इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टीटयूट) जो कि विश्व की अग्रणी एक संस्था है, उसकी गारंटी सर्टिफिकेट के साथ और अपने भाव व पारदर्शिता का अटूट बंधन लिए हुए हैं।हीरा है सदा के लिए और सभी खास मौकों के लिए भीहीरा सदा के लिए अब यह वाक्य हो गया है कि सभी खास मौकों के लिए भी। जी हां, रायपुरियंस पर यह बात एकदम फिट बैठती है। हीरे की चमक सदियों से लोगों की आंखों को चकाचौंध कर रही है।
इन्होंने अपने मजबूत इरादों के साथ अपने इस विचार को साकार करने सुनियोजित ढंग से इस नई फील्ड में आगे आकर काम करना शुरू किया। सबसे पहले डायमंड नगरी सूरत जाकर कच्चे हीरे पानी रफ डायमंड परखना और तराशना का काम शुरू किया। वर्ष 1996 से 1999 तक बस्तर से मुंबई रहकर तराशे हुए हीरे की परख व खरीदी-बिक्री शुरू की।
जगदलपुर के संघात लुनिया परिवार जो कि में है। श्री महालक्ष्मी ज्वेलर्स, ज्वेलरी बनाने के सिनेमा, ग्रेनाइट माइंस टिन माइंस सहित कई व्यवसाय मटेरियल्स जैसे सोना बैंक से हीरे मुंबई व सूरत से जुड़ा हुआ है, इसी परिवार के अजय सुनिया का से और संगीन रत्न जयपुर से प्राप्त करता है।-: स्टेटस सिंबल भी है हीराअजय लुनिया कहते हैं कि हीरा अभी भी स्टेटस सिंबल बना हुआ है क्योंकि आज भी ये सभी के पास नहीं है। हीरे के आभूषण पसंद के अनुरूप भी बनवाए जा रहे हैं। विवाह समारोह की रसम में हीरे के आभूषण पहनने का चलन बढ़ते जा रहा है।