सतना। सोमवार 30 मई को एक सुखद संयोग है कि इस दिन सोमवती अमावस्या एवं वट सावित्री का पवित्र त्यौहार पड़ रहा है। इस दिन सभी सुहागन महिलायें बरगद के पेड़ के नीचे पूजा करती हैं और अपने अपने पति के सुहाग की मंगलकामनाएं कर हैं।
पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास
वृहद् वृक्षारोपण अभियान नगर में चला रहा है। इसलिए ऐसा तय किया है कि वट सावित्री के दिन नगर में पाँच सुहागन महिलाओं के नाम से पाँच बरगद के पेड़ लगाये जायेंगे वटवृक्ष सदा प्रकृति अनुरूप पर्यावरण बनाए रखने में सहायक है जो बिना कार्बन डाइऑक्साइड छोड़े अनवरत आक्सीजन प्रदान करते रहते हैं और हम सबकी रक्षा के सजग प्रहरी है उनकी पूजा की जाएगी।
वट सावित्री व्रत की कथा बहुत ही रोचक एवं प्रेरक है ।जब विवाह के समय पंडितजी सप्तपदी वचन (सात पाँच वचन) कहते हैं , तो उस समय महिला पति से एक वर माँगती है कि मुझे वट सावित्री के दिन जंगल में अकेले जाने की अनुमति देना चाहिए और पति वह अनुमति दे देता है। इतने महत्व का दिन अनेक वर्षों बाद कल 30 मई को आ रहा है, इसलिए हम सबका कर्तव्य है इस दिन सभी महिलाएँ ज़्यादातर अपने अपने घरों के आसपास में बरगद की पूजा तो करती ही हैं वह एक संकल्प लें कि हम भी आज एक नया पेड़ लगाकर के तैयार करेंगे, जिससे आने वाली पीढ़ी के लिए वह एक विशाल वट वृक्ष बनकर तैयार होगा और सबके पूजा के योग्य बन सकेगा।
पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास ने सतना शहर के तीस क्षेत्रों में अलग अलग वृक्षारोपण भी किया है एवं स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत सेनेटरी नैपकिन पैड का वितरण, मॉस्को का वितरण, कंबल वितरण एवं अन्य जागरूकता अभियान चलाए हैं। आइए हम शपथ लें की वट सावित्री के दिन सभी माताओं बहिनों को एक साथ चलकर वृहद् वृक्षारोपण के लिए तैयार करें।समय एवं स्थान मिलकर तय कर लें ।हमारी सबसे अपील है कि जो भी महिलाएँ अपने अपने क्षेत्र में पूजा करें उस क्षेत्र के पाँच पेड़ों को संरक्षित करने का काम भी करें। हिंदू धर्म में हरेक त्यौहार को धार्मिक भावना से जोड़ने के पीछे यही एक भाव नेता रहता है कि हम प्रकृति का संरक्षण करें
यही प्रकृति संरक्षण के लिए न्यास के प्रेरणास्रोत पं. गणेश प्रसाद जी मिश्र ने अपने गाँव और क्षेत्र में बरगद एवं पीपल के पेड़ों का ही रोपण किया है जो हमें घंटे ऑक्सीजन के रूप में प्राणवायु देते हैं। आइए समय तय करके अपने अपने क्षेत्र में वृक्ष लगाएँ, प्रकृति को ख़ुशहाल बनायें।