‘रेडक्रॉस’ एक ऐसी अंतर्राष्ट्रीय संस्था है, जो लोगों को हेल्थ के प्रति जागरूक करने के अलावा आकस्मिक दुर्घटनाओं में घायलों, रोगियों, आपातकाल और युद्धकालीन बंदियों की देख-रेख करती है। रेडक्रॉस की स्थापना साल 1863 में हुई थी, जिसका मुख्याल जेनेवा में है। रेडक्रॉस की स्थापना मानवता प्रेमी जीन हेनरी ड्यूनेंट द्वारा की गई थी, इसलिए उनके जन्मदिन के अवसर पर ही हर साल दुनियाभर में 8 मई का दिन अंतर्राष्ट्रीय रेडक्रॉस दिवस के रूप में मनाया जाता है और संस्था की गतिविधियों से आम आदमी को अवगत कराने के प्रयास किए जाते हैं।
डयूनेंट ने इटली में युद्ध के दौरान रक्तपात का ऐसा मंजर देखा था, जब चिकित्सीय सहायता के अभाव में युद्धक्षेत्र में अनेक घायल सैनिक दर्द से तड़प रहे थे। ऐसे घायलों की सहायता के लिए उन्होंने स्थाई सीमितियों के निर्माण को लेकर आवाज बुलंद की, जिसका असर भी दिखा। युद्ध में घायलों की स्थिति में सुधार के साधनों का अध्ययन करने के लिए उसके बाद एक आयोग का गठन किया। गया, जिसके सदस्य जनरल डूफोर, स्विस सेना के सेनापति गस्टवे मोइनिए, हेनरी डयूनेंट, डॉ. लुई एपिया और डॉ. थियोडोर मोनोई थे।
26 से 29 अक्टूबर 1863 तक जेनेवा में एक अंतर्राष्ट्रीय बैठक हुई, जिसमें रेडक्रॉस के आधारभूत सिद्धांत निर्धारित किए गए और रेडक्रॉस आंदोलन का विकास करते हुए आहत सैनिकों और युद्ध पीड़ितों की सहायता संगठित करने के लिए दुनियाभर के सभी देशों में राष्ट्रीय सीमितियां बनाने पर जोर दिया गया।
मानव सेवा के लिए हेनरी डयूनेंट को साल 1901 में पहला नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया। मानवीय सेवा को समर्पित रेडक्रॉस के उल्लेखनीय कार्यों की बदौलत इस संस्था को भी साल 1917, 1944 और 1963 में शांति के नोबेल पुरस्कार से नवाजा जा चुका है।