कोरबा:- स्कूलों में शिक्षक की कमी दूर करने के लिए अब डिस्ट्रिक्ट मिनिरल फंड(डीएमएफ) से अतिथि शिक्षकों की भर्ती की जाएगी. कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत ने यह अहम फैसला लिया. कुछ दिन पहले ही युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के बाद नए सिरे से शिक्षकों को स्कूलों में पदस्थापना दी गई. शिक्षक संगठन 2008 के सेटअप से छेड़छाड़ कर स्कूलों में शिक्षकों की संख्या घटाने का आरोप भी लगा रहे. जिले के कई स्कूल ऐसे हैं, जहां विषयवार शिक्षकों के पद रिक्त हैं. शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए कलेक्टर ने अब एक बड़ा निर्णय लिया. जिले भर के स्कूलों में 480 अतिथि शिक्षकों की भर्ती को हरी झंडी मिली.
प्रायमरी, मिडिल और हाई स्कूल में भर्ती: राज्य शासन के दिशा निर्देशों के तहत कोरबा जिले में अतिशेष शिक्षको की पदस्थापना के बाद भी रिक्त शिक्षकों के पदो और विद्यार्थियों के दर्ज संख्या के हिसाब से कम हो रहे शिक्षकों की प्रतिपूर्ति की जाएगी. जिले के विद्यालयों में शिक्षकों और भृत्यों के रिक्त पदो की संख्या जुटाकर जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से मानदेय के आधार पर 480 अतिथि शिक्षकों और 351 भृत्यों के भर्ती का निर्णय कलेक्टर ने लिया.
अतिथि शिक्षक: इन अतिथि शिक्षकों में प्राथमिक शाला के 243, माध्यमिक शाला के 109 और हाई और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में व्याख्याताओं के 128 पदो पर भर्ती की जायेगी.
पूर्व अतिथि शिक्षकों को मिलेगी प्राथमिकता: मौजूदा सत्र में नई भर्ती के लिए विगत शिक्षण सत्र में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्य करने वाले शिक्षकों को इस सत्र की नियुक्ति में प्राथमिकता मिलेगी. इसके साथ ही भृत्यों और अतिथि शिक्षकों को पिछले वर्ष दिये जाने वाले मानदेय में भी वृद्धि की गई. जिले में शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने के साथ ही स्कूलों में विद्यार्थियों की दर्ज संख्या के अनुपात में शिक्षक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस सत्र में भी डीएमएफ से अतिथि शिक्षकों के नियुक्ति का निर्णय लिया गया.
कितना मिलेगा मानदेय: डीएमएफ से की जा रही भर्ती में अतिथि शिक्षकों को इस सत्र में पिछलीवर्ष की तुलना में बढ़ा हुआ मानदेय दिया जाएगा.
इस सत्र में भृत्य को 8500, प्राइमरी स्कूल के अतिथि शिक्षकों को 11 हजार, मिडिल स्कूल के अतिथि शिक्षकों को 13 हजार और हाई-हायर सेकेण्डरी के अतिथि व्याख्याताओं को 15 हजार रूपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा. पिछले वर्ष भृत्य को 8000, प्राइमरी स्कूल के अतिथि शिक्षकों को 10 हजार, मिडिल स्कूल के अतिथि शिक्षकों को 12 हजार और हाई-हायर सेकेण्डरी के अतिथि व्याख्याताओं को 14 हजार प्रतिमाह मानदेय दिया जाता था.