हैदराबाद:- तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए करीब 3.04 लाख करोड़ रुपये का बजट बुधवार को पेश किया. अपनी ‘छह चुनावी गारंटियों’ के क्रियान्वयन के लिए सरकार ने बजट में 56,000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि आवंटित की है.
राज्य के डिप्टी सीएम एवं वित्त मंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने राज्य विधानसभा में वित्तीय दस्तावेज पेश करते हुए कहा कि बजट में करीब 2.27 लाख करोड़ रुपये के राजस्व व्यय और 36,504 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का अनुमान है. उन्होंने कहा, “मैं वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कुल 3,04,965 करोड़ रुपये का व्यय प्रस्तावित कर रहा हूं, जिसमें राजस्व व्यय 2,26,982 करोड़ रुपये और पूंजीगत व्यय 36,504 करोड़ रुपये होगा.
मंत्री ने इसे ‘कल्याण और विकास के बीच सही संतुलन’ करार दिया. कांग्रेस सरकार की ‘छह चुनावी गारंटियों’ में महिलाओं के लिए 2,500 रुपये प्रति माह, 500 रुपये में गैस सिलेंडर और महालक्ष्मी योजना के तहत राज्य संचालित आरटीसी बसों में मुफ्त यात्रा और रायथु भरोसा के तहत किसानों तथा बटाईदार किसानों को 15,000 रुपये प्रति एकड़ की राशि देना शामिल है.
इसके अलावा, गृह ज्योति के तहत सभी परिवारों को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली, इंदिराम्मा इंदलू के तहत उन लोगों को पांच लाख रुपये तथा स्थान जिनके पास मकान नहीं हैं, युवा विकासम के तहत छात्रों को पांच लाख रुपये और चेयुथा योजना के तहत 4,000 रुपये मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जाएगी.
तेलंगाना को ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए मेगा मास्टर प्लान 2050
वित्त मंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि, तेलंगाना को आर्थिक विकास में सबसे आगे रखने के उद्देश्य से, राज्य सरकार ने ‘मेगा मास्टर प्लान 2050’ तैयार किया है. इस योजना में अगले दस वर्षों में तेलंगाना को ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और ‘चीन प्लस वन’ रणनीति के तहत राज्य को वैश्विक विनिर्माण केंद्र में बदलने की परिकल्पना की गई है.
वित्त मंत्री ने कहा, ”सरकार की योजना हर मंडल में महिलाओं द्वारा प्रबंधित चावल मिलों और मिनी गोदामों की स्थापना करने की है. IKP केंद्रों पर खरीदे गए चावल को इन महिलाओं द्वारा संचालित मिलों में संसाधित किया जाएगा, जिसमें महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को भारतीय खाद्य निगम (FCI) को चावल की आपूर्ति करने का काम सौंपा जाएगा. इसके अतिरिक्त, मंडल-स्तरीय महिला संघों के माध्यम से 600 RTC बसें किराए पर ली जाएंगी। उल्लेखनीय है कि तेलंगाना एससी उप-जाति वर्गीकरण कानून को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है.
भविष्य का शहर, एक आदर्श शहरी परियोजना
शहरी विकास पर प्रकाश डालते हुए भट्टी विक्रमार्क ने घोषणा की कि ओआरआर चरण-2 जल आपूर्ति परियोजना पूरी होने वाली है और एचएमडीए के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों को पीने का पानी उपलब्ध कराएगी। हैदराबाद व्यापक बाढ़ सिंचाई परियोजना के लिए 5,942 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
उन्होंने कहा, राज्य एक ‘भविष्य का शहर’ भी विकसित करेगा, जिसे पूरे देश के लिए एक मॉडल के रूप में देखा जाएगा. श्रीशैलम और नागार्जुनसागर सड़कों के बीच 56 गांवों और 765 वर्ग किलोमीटर में फैले इस प्रोजेक्ट में एआई सिटी, फार्मा हब, स्पोर्ट्स सिटी, स्वच्छ ऊर्जा और इनोवेशन जोन के साथ-साथ मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और इलेक्ट्रिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी होगा. फ्यूचर सिटी डेवलपमेंट अथॉरिटी (FCDA) इस प्रोजेक्ट की निगरानी करेगी, जिसके लिए शुरुआती 100 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं.
क्षेत्रवार आवंटन
बजट में प्रमुख आवंटन इस प्रकार हैं:
पंचायत राज 31,605 करोड़ रुपये
कृषि 24,439 करोड़ रुपये
शिक्षा 23,108 करोड़ रुपये
महिला एवं बाल कल्याण 2,862 करोड़ रुपये
पशुपालन 1,674 करोड़ रुपये
नागरिक आपूर्ति 5,734 करोड़ रुपये
श्रम 900 करोड़ रुपये
एससी कल्याण 40,232 करोड़ रुपये
एसटी कल्याण 17,169 करोड़ रुपये
बीसी कल्याण 11,405 करोड़ रुपये
हथकरघा क्षेत्र 371 करोड़ रुपये
अल्पसंख्यक कल्याण 3,591करोड़ रुपये
उद्योग 3,527 करोड़ रुपये
आईटी क्षेत्र 774 करोड़ रुपये
बिजली क्षेत्र 21,221 करोड़ रुपये
चिकित्सा क्षेत्र 12,393 करोड़ रुपये
नगरपालिका क्षेत्र 17,677 करोड़ रुपये
सिंचाई 23,373 करोड़ रुपये
सड़कें और इमारतें 5,907 करोड़ रुपये
पर्यटन 775 करोड़ रुपये
खेल 465 करोड़ रुपये
वन एवं पर्यावरण 1,023 करोड़ रुपये
बंदोबस्ती 190 करोड़ रुपये
प्रमुख कल्याणकारी योजनाएं एवं पहल
योजना/पहल आवंटन ( करोड़ रुपये में)
छह गारंटी 56,084 करोड़ रुपये
रायथु भरोसा 18,000 करोड़ रुपये
चेयुथा पेंशन 14,861 करोड़ रुपये
इन्दिरम्मा मकान 12,571 करोड़ रुपये
महालक्ष्मी योजना 4,305 करोड़ रुपये
गृहज्योति 2,080 करोड़ रुपये
सन्नालाका बोनस 1,800 करोड़ रुपये
राजीव आरोग्यश्री 1,143 करोड़ रुपये
गैस सिलेंडर सब्सिडी 723 करोड़ रुपये
इन्दिरम्मा आत्मीय भरोसा 600 करोड़ रुपये
राजीव युवा विकासम 6,000 करोड़ रुपये
भविष्य का शहर विकास 100 करोड़ रुपये
राज्य सरकार ने कृषि विभाग के लिए 24,439 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इसमें रायथु भरोसा योजना भी शामिल है, जिसके तहत प्रत्येक किसान को निवेश सहायता के रूप में प्रति वर्ष 12,000 रुपये प्रति एकड़ और किसानों से खरीदे गए उत्तम किस्म के धान के लिए 500 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलता है.
पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 31,605 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जबकि शिक्षा विभाग को 23,108 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति कल्याण मद में क्रमशः 40,232 करोड़ रुपये और 17,169 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
विक्रमार्क ने कहा, “धर्मनिरपेक्ष मूल्यों से प्रेरित होकर कांग्रेस सरकार ने समाज के सभी वर्गों को संसाधनों के समान वितरण तथा असमानताओं से मुक्त व्यवस्था स्थापित करने के लिए यह बजट तैयार किया है.” उन्होंने कहा कि अगले दशक के लिए सरकार के रणनीतिक खाके में वर्तमान 200 अरब अमेरिकी डॉलर की राज्य अर्थव्यवस्था को पांच गुना बढ़ाकर 1,000 अरब डॉलर तक पहुंचाने की परिकल्पना की गई है.
मंत्री ने बताया कि बजट में सिंचाई विभाग के लिए 23,373 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं, जबकि गृह विभाग को 10,188 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. वहीं स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग को 12,393 करोड़ रुपये तथा ऊर्जा विभाग को 21,221 करोड़ रुपये मिलेंगे.
यह उम्मीद करते हुए कि विकास की गति और बढ़ेगी, 2025-26 में राज्य का स्वयं का कर राजस्व 1,45,420 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि 2024-25 के अनुमान को संशोधित कर 1,38,181 करोड़ रुपये किया गया है.
तेलंगाना की प्रति व्यक्ति आय 9.6 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ 3,79,751 रुपये रही है, जबकि मौजूदा मूल्य पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद 2024-25 में 10.1 प्रतिशत बढ़कर 16,12,579 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है.
वित्त मंत्री ने कहा कि तेलंगाना को 14वें वित्त आयोग के अंतर्गत 2.437 प्रतिशत धनराशि प्राप्त हुई, जो 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत घटकर 2.102 प्रतिशत रह गई. अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों को कम धनराशि आवंटित करना अनुचित है तथा उन्होंने अधिक तर्कसंगत कर वितरण प्रणाली की वकालत की, जो राष्ट्र की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले राज्यों को प्रोत्साहित करे.