नारायणपुर:- जिले में तेंदूपत्ता संग्राहकों और फड़ मुंशी संघ के सदस्यों के सब्र अब टूटता नजर आ रहा है. पिछले एक साल से लंबित संग्रहण राशि भुगतान नहीं होने और वादाखिलाफी के आरोपों के बीच बड़ी संख्या में संग्राहक और संघ के सदस्य नारायणपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे. उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन से मिलने का प्रयास किया, लेकिन कलेक्टर से भेंट न हो पाने के कारण वे बेहद आक्रोशित दिखाई दिए.
नारायणपुर जिले के विभिन्न ग्रामीण अंचलों से आए तेंदूपत्ता संग्राहक और फड़ मुंशी संघ के सदस्य साप्ताहिक बाजार स्थल पर एकत्रित हुए. यहां उन्होंने तेंदूपत्ता संग्रहण राशि के भुगतान में हो रही देरी, बैंकिंग व्यवस्था की परेशानियों और सरकार के किए वादों पर चर्चा की. चर्चा के बाद सभी संग्राहक और फड़ मुंशी संघ के सदस्य एकजुट होकर पैदल मार्च करते हुए नारायणपुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे. लेकिन यहां उन्हें कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगई से मुलाकात नहीं हो सकी.
संग्राहकों और फड़ मुंशी को सरकार में आने से पहले बीजेपी ने फड़ मुंशी को 25 हजार रुपये मानदेय की घोषणा की थी लेकिन सालभर होने के बाद भी फड़ मुंशियों को सिर्फ 7 हजार रुपये ही मानदेय दिया जा रहा है. कई जगहों पर संग्राहकों को सालभर से खाते में रुपये नहीं मिल रहे हैं. उन्हें नकद भुगतान की मांग कर रहे हैं. – रूबजी सलाम, जिला अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन
महिला संग्राहकों का दर्द: एक महिला संग्राहक ने मीडिया से बातचीत में अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य उन्होंने एक साल पहले पूरा कर दिया था, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ. बैंक खातों में भुगतान होने से उन्हें और अधिक परेशानी होती है. गांव से दूर बैंक तक आना-जाना, लंबी कतारें, समय और अतिरिक्त खर्च उन्हें झेलना पड़ता है. महिलाओं ने मांग की कि तेंदूपत्ता राशि का भुगतान नकद रूप में किया जाए और लंबित भुगतान जल्द से जल्द निपटाया जाए.
एक साल से तेंदूपत्ता का पैसा नहीं मिल रहा है. पहले हाथ में पैसे देते थे तो ठीक था लेकिन जब से ऑनलाइन हुआ है तब से बैंक के चक्कर काटना पड़ रहा है. हाथ में पैसे चाहिए. – परमिला करंगा, ग्रामीण महिला
फड़ मुंशी संघ का आरोप: फड़ मुंशी संघ के सदस्यों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने चुनाव पूर्व ‘मोदी की गारंटी’ के तहत वादा किया था कि फड़ मुंशी संघ के प्रत्येक सदस्य को कमीशन के अलावा प्रतिवर्ष ₹25,000 मानदेय दिया जाएगा, लेकिन सत्ता में आने के बाद इस वादे को भुला दिया गया.
हम बहुत कम पैसे में काम कर रहे हैं. कमीशन काटकर पैसे दिया जा रहा है. घर चलाने में काफी मुश्किल हो रही है. संग्राहकों का सारा काम करना पड़ता है. लेकिन 7200 के अतिरिक्त कुछ नहीं दिया जा रहा. -श्यामलाल दुग्गा, जिला सचिव, फड़ मुंशी संघ
किसी किसी का केवाईसी नहीं हुआ तो काफी परेशानी हो रही है. कई लोगों के खाते में डबल डबल पैसे जा रहे हैं. हम सिर नाम, खाते की जानकारी लिखकर देते हैं. हमारा सिर्फ इतना ही काम है. हम चाह रहे हैं कि नकद भुगतान होना चाहिए. इससे पहले कोई शिकायत भी नहीं आती थी. -सदस्य, फड़ मुंशी संघ
पुलिस पर भी लगाए आरोप: ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कलेक्ट्रेट के सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें झूठ बोलकर कलेक्टर से मिलने से रोक दिया, जिससे उनका आक्रोश और बढ़ गया. ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन का यह रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इससे आम लोगों का भरोसा टूट रहा है.
विगत एक वर्ष से लंबित तेंदूपत्ता संग्रहण राशि और चुनावी वादों के अधूरे रहने के खिलाफ नारायणपुर के ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है.कलेक्टर से मुलाकात न होने से असंतोष और भी गहरा गया है. ग्रामीणों ने चेताया है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रुख कर सकते हैं. अब देखना होगा कि प्रशासन उनकी मांगों पर कब तक संज्ञान लेता है.