इंदौर,8 फरवरी । मध्यप्रदेश के इंदौर के कलेक्टर कार्यालय में हुई जनसुनवाई के दौरान आज उस 54 वर्षीय व्यक्ति की शिकायत पर जांच के आदेश दे दिए है जिसके जीवित रहते किसी अज्ञात आरोपी ने उसका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर कोविड-19 से मृत व्यक्तियों को मिलने वाली अनुग्रह राशि के लिए आवेदन कर दिया था।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया बद्रीलाल निवासी काशीपुरा सांवेर ने अपने पुत्र अभिषेक के साथ आज कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जनसुनवाई में एक शिकायत की है। शिकायत में कहा गया है कि बद्रीलाल को 15 जनवरी 2021 को फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र के आधार पर मृत दर्शाकर अनुग्रहराशि के लिए आवेदन कर दिया गया। शिकायतकर्ता के बेटे अभिषेक को इस फर्जी आवेदन में बद्रीलाल का वारिस बताकर उसे अनुग्रह राशि का भुगतान किये जाने की प्रार्थना की गयी है।
दरअसल मामले की कलाई तब खुली जब स्थानीय पटवारी ने आवेदन में आवश्यक समग्र पहचान संख्या नहीं लिखी होने पर आवेदक और बद्रीलाल के पुत्र अभिषेक से संपर्क किया। मामले में अपर कलेक्टर पवन जैन ने आज जांच के आदेश दे दिए है।
पीड़ित बद्रीलाल ने यहां कलेक्टर कार्यालय में संवाददाताओं को शिकायत दर्ज करने के बाद बताया कि उन्हें तथा उनके परिवार के अन्य सातों सदस्यों को इससे पहले कभी कोरोना संक्रमण नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के सभी पांच वयस्क सदस्यों ने कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज भी लगवा लिए है। वे स्वयं अपने क्षेत्र के वार्ड 13 से बतौर कांग्रेस प्रत्याशी नगर पंचायत चुनाव में अपना भाग्य आजमाते रहे हैं। ऐसे में किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके तथा उनके पुत्र के पहचान संबंधी दस्तावेजों और बैंक खाते की जानकारी जुटाकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर अनुग्रह राशि के लिए आवेदन किया है। बद्रीलाल ने मामले में आरोपियों को पता लगाने तथा आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।