.नई दिल्ली. भारत में ट्रेन यातायात का एक प्रमुख और लोकप्रिय साधन है. देश का लगभग हर प्रमुख शहर रेलवे नेटवर्क से जुड़ा है. लेकिन, अब भी देश के बहुत से इलाके, खासकर ग्रामीण क्षेत्र में रेल सुविधाएं उपलब्ध नहीं है. अब इसी कमी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कल हुई कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने आठ रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी. इन रेल परियोजनाओं के मूर्त रूप लेने पर देश के सात राज्यों की लगभग 40 लाख आबादी को रेल सेवाएं मुहैया हो जाएंगी. खास बात यह है कि इन परियोजनाओं के पूरे होने से देश के 510 गांव भारतीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ जाएंगे.केंद्र सरकार ने जिन आठ रेलवे प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दिखाई है, वो देश के सात राज्यों को कवर करेंगे.
इन राज्यों में ओडिशा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, झारखंड, बिहार, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल शामिल हैं. इन परियोजनाओं के पूरा होने पर पूर्वी सिंहभूम, भद्रादी कोठागुडम, मल्कानगिरि, कालाहांडी, नवरंगपुर, रायगढ़ आदि जिलों के करीब 510 गांवों और 40 लाख लोगों तक रेल संपर्क बढेगा. इन प्रोजेक्ट को 2030-31तक पूरा कर लिया जाएगा
24,657 करोड़ होंगे खर्चदेश के 7 राज्यों में रेलवे नेटवर्क के विस्तार पर केंद्र सरकार 24,657 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च करेगी. सरकार का कहना है कि इन सभी 8 परियोजनाओं के पूरा हो जाने पर भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में 900 किलोमीटर का इजाफा हो जाएगा. 510 गांवों के रेलवे नेटवर्क से जुड़ जाने से न केवल लोगों को आने-जाने में सुविधा होगी, बल्कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी. इससे लॉजिस्टिक, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को भी विस्तार करने में मदद मिलेगी.यहां बिछेंगी नई रेलवे लाइनेंमोदी सरकार ने जिन 8 प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है, उनमें से 4 ओडिशा के लिए, एक ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए, एक झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लिए, एक महाराष्ट्र के लिए और एक बिहार के लिए है.
ओडिशा के रायगड़ा जिले गुनुपुर-थेरुबली के बीच 73.62 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन बिछाई जाएगी. इसी तरह राज्य के कालाहांडी और नबरांगपुर जिलों में जुनागढ-नाबरांगपुर के बीच 116 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन बिछाई जाएगी.ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 173 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन बिछाई जाएगी. यह मल्कंगिरि-पांडुरंगापुरम वाया भाद्राचलम होगी और इसका फायदा मल्कंगिरि, पूर्वी गोदावरी और भद्राद्री कोठागुडम जिलों को होगा. इसी तरह झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के पूर्वी सिंहभूम, झारग्राम और मयूरभंज जिलों में से होकर बिछाई जाने वाली बुरामारा-चकुली रेलवे लाइन की लंबाई 59.96 किलोमीटर होगी. महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में जालना से जलगांव तक 174 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन बिछाने को भी हरी झंडी दिखाई गई है. बिहार के भागलपुर में विक्रमशिला-कतरेह के बीच 26.23 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन बिछेगी
