चंडीगढ़। पटियाला के एक डी.एस.पी. के खिलाफ उसी के मकान में 7 वर्षों तक बतौर किराएदार परिवार सहित रही एक महिला ने कई बार उसके साथ दुष्कर्म करने और इंकार या किसी से शिकायत करने पर पूरे परिवार पर एफ.आई.आर. दर्ज करने की धमकियां देने के आरोप लगाए। महिला व उसका पति बच्चों के भविष्य को लेकर चुप रहे लेकिन अब महिला के दोनों बेटे विदेश चले गए हैं, जिसके बाद महिला ने पुलिस को शिकायत दी लेकिन बार-बार गुहार लगाने के बावजूद गठित की गई एस.आई.टी. ने कोई कार्रवाई नहीं की।
महिला ने एडवोकेट एस.के. गर्ग नरवाना की मार्फत पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोपी डी.एस.पी., उसके गनमैन व धमकियां देने वालों पर मामला दर्ज करने व उसकी व परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। जस्टिस राजमोहन सिंह ने मामले की सुनवाई करते हुए सरकार व पुलिस को नोटिस जारी किया है, जिसे सरकार की अधिवक्ता आकांक्षा ने स्वीकार किया।
प्रतिवादियों को 18 अक्तूबर तक कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित पुलिस अधिकारियों को हिदायत दी है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि पीड़ित महिला व उसके परिवार को पुलिस परेशान नहीं करेगी। मारपीट कर जेल भेजने की धमकियां देता रहा याचिका में बताया गया कि महिला अपने पति व 2 बेटों के साथ डी.एस.पी. संदीप सागर के मकान में किराएदार के रूप में वर्ष 2013 में रहने आई थी। वे लोग वर्ष 2020 तक वहां रहे। उस दौरान डी.एस.पी. ने याचिकाकर्ता महिला के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
विरोध करने पर डी.एस.पी. उसके पति व उसके साथ मारपीट करता रहा और बच्चों सहित एफ.आई.आर. दर्ज कर जेल भेजने की धमकियां देता रहा। बचाव के लिए उन्होंने अपने घर में सी.सी.टी.वी. कैमरे भी लगवाए लेकिन किसी अज्ञात को बहाने से उनके घर भेज सी.सी.टी.वी. फुटेज भी गायब करवा दी। महिला साल 2020 में खुद के मकान में रहने चली गई लेकिन वहां भी डी.एस.पी. जबरन घर में घुस कर उससे दुष्कर्म करता रहा। अपने गनमैन राकेश व अन्य पुलिस वालों को उनके घर भेज कर प्रताड़ित करता रहा और शारीरिक संबंध बनाने को विवश करता रहा।