रायपुर। मोतीनगर में दुल्हन कहकशां (22) और दूल्हा असलम अहमद (24) की मौत की गुत्थी 20 दिन बाद भी सुलझ नहीं पाई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर डाक्टर खुद उलझ गए हैं। दुल्हन के शरीर पर 40 से ज्यादा चाकू के गहरे चोट के निशान मिले हैं, जबकि असलम के जिस्म पर 32 गहरे जख्म हैं। उसकी पीठ, पेट, हाथ, गर्दन, सिर और जांघ पर चाकू के वार हैं। असलम की बनियान पर चाकू के एक भी निशान नहीं मिले हैं।
बनियान में कोई छेद भी नहीं है। इसी वजह से डॉक्टर किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रहे हैं।टिकरापारा टीआई ने बताया कि दोनों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। इसलिए एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पुलिस मर्ग की जांच कर रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत की वजह पता चल पाएगी। क्योंकि प्रारंभिक जांच में दोनों की मौत चाकू के वार से हुई है। इस बीच दुल्हन के मायके पक्ष के लोगों ने हत्याकांड के दौरान असलम के घर पर मौजूद लोगों और कुछ पड़ोसियों का नार्को टेस्ट करवाने की मांग की है।
पुलिस ने घटना के बाद असलम की मां, छोटी बहन और ब्यूटीशियन का बयान दर्ज किया है, जो घटना के समय वहां मौजूद थे। उन्होंने असलम को कहकशां पर हमला करते हुए देखा है। उन्होंने असलम को हमला करने से रोका भी, लेकिन वह लगातार हमला करता रहा। जब खिड़की तोड़कर भीतर गए तो असलम भी फर्श पर मृत पकड़ा हुआ था। दोनों खून से सने हुए थे। दोनों ने दम तोड़ दिया था। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पुलिस का दावा है कि असलम ने पहले कहकशां की हत्या की, फिर खुद आत्महत्या कर लिया।
उसने खुद पर चाकू से कई वार किए हैं।पुलिस कहकशां और असलम की मौत की जांच के लिए रिटायर्ड फोरेसिंक एक्सपर्ट की मदद लेने की तैयारी में है। जाने माने फोरेंसिक पैथोलॉजिस्ट टीडी डोगरा का कहना है कि पुलिस को मनोवैज्ञानिक शव परीक्षा कराना चाहिए। इससे मौत की गुत्थी सुलझ सकती है।रिपोर्ट के आधार पर दर्ज होगा हत्या का केसपीएम रिपोर्ट के आधार पर ही पुलिस हत्या का केस दर्ज करेगी। रिपोर्ट से ही पता चल पाएगा कि इसमें असलम आरोपी है या किसी तीसरे व्यक्ति ने दोनों की हत्या की है। इसलिए पुलिस डॉक्टर की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।