बड़वानी, 17 मार्च । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आदिवासियों का निश्छल जीवन सभी को संदेश देता है कि जीवन का आनंद कैसे उठाया जाए।
श्री चौहान आज अपरान्ह जिले के पाटी में आयोजित भगोरिया (भोंगरया) पर्व में सम्मिलित होने आए। उन्होंने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में जन समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासियों का निश्छल जीवन सभी को यह संदेश देता है कि जीवन का आनंद कैसे उठाया जाए। सपत्नीक विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगोरिया त्योहार के दौरान आज के माहौल में उन्हें बहुत आनंद आया।
उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि ‘मैं भगोरिया में नाचने आया हूं, यह आप लोगों की अद्भुत संस्कृति का हिस्सा है, आप बताइए मैं आदिवासी लग रहा हूं कि नहीं।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार फसल भी अच्छी आई है और कोरोनावायरस नियंत्रण में है, इसलिए जमकर होली मनाई जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कर्ज माफी के वादे को नहीं निभाया और कई किसानों को डिफाल्टर कर दिया, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार किसान के कर्ज का ब्याज का भुगतान करेगी। इसके अलावा कोरोना काल का बिजली बिल माफ किया गया है और कर्मचारियों के लिए 64 सौ करोड़ रुपए से 11 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्रदान किया जा रहा है।
श्री चौहान कहा कि पुलिस में 6000 भर्तियों की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है 6000 और भर्ती निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं की ज्यादा से ज्यादा भर्ती सुनिश्चित हो इसके लिए शारीरिक क्षमता के भी अंक बढ़ा दिए गए हैं। उन्होंने शिक्षकों के 13000 पदों की भर्ती का भी जिक्र किया।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री प्रेम सिंह पटेल, लोकसभा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल, राज्यसभा सांसद डॉ सुमेर सिंह सोलंकी तथा भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष ओम सोनी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री गत 15 मार्च को झाबुआ जिले के थांदला में भगोरिया (भौंगर्या) पर्व में भी शामिल हुए थे। आज भौंगर्या चल समारोह आईटीआई कालेज से प्रारंभ होकर स्वामी विवेकानंद शिक्षा निकेतन परिसर पाटी के मुख्य कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा। जहां पर जनजातीय बन्धुओं ने अपने पराम्परागत तरीके से मुख्यमंत्री का स्वागत ढोल-मादल से किया। इस दौरान जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी, म.प्र. संस्कृति परिषद्, भोपाल द्वारा 75वें आजादी अमृत महोत्सव के तहत बड़वानी जिले के भौंगर्या हाटों में भौंगर्या उत्सव करने हेतु भेजे गये विभिन्न जिलो के दलो द्वारा गोण्ड, बैगा, कोरकू, भील, भारिया जनजातियों के नृत्यों का प्रदर्शन भी किया गया।
इस दौरान जिले के दो दर्जन से अधिक ग्रामों से आये ढोल-मादल पर जनप्रतिनिधियों, स्थानीय जनजातीय भाइयों द्वारा भी अपना परम्परागत भोंगर्या नृत्य प्रस्तुत किया गया। जिले में 11 मार्च से आरंभ हुए भगोरिया पर्व का आज समापन हो गया।