
बिलासपुर:- छह साल से कम उम्र के बच्चों को पढ़ना-लिखना सिखाने के साथ ही सेहतमंद बनाने के लिये जिन आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों के पोषण की जिम्मेदारी है,आज उन्हें ही ‘पोषाहार’ की जरूरत है।इन्ही बदहाल आँगनबाड़ी की सूची मे बिलासपुर शहर के कस्तूरबा नगर वार्ड का आँगनबाड़ी भी शामिल है,जिसकी हालत भी कूछ खासी अच्छी नही है विभाग की तरफ से बनाये गये इस आँगनबाड़ी केंद्र मेकेंद्र में आने वाले बच्चों को बैठने के लिए टाटपट्टी भी छह साल पहले मिली थी।
पेयजल बिजली पानी और शौचालय की सुविधा तो बोहोत दूर की बात है।यहा तक की वो आपत्तिजनक लोगों नशे के अदियोँ का अड्डा बना हुआ है, आये दिन यहाँ नशा करने वालोँ का जमघट लगने की वजह से वार्ड के नागरिकों को खासी परेशानी का सामना करना पड्ता है
एवं वार्ड के नागरिकों द्वारा शिकायत करने पर भी प्रशासन की तरफ से इस पर किसी भी तरह की कार्यवाही नही की जा रही है प्रशासन की इस लापरवाही की वजह से इन नशा करने वालोँ के हौसले दिन बदिन ओर भी बुलंद हो रहे हैं।