रायपुर:- गुरुवार को प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय सुशासन तिहार के तीसरे चरण के अंतर्गत अचानक मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले के ग्राम माथमौर पहुंचे. अचानक प्रदेश के मुखिया जब इस गांव में पहुंचे तो गांव में उत्साह का माहौल भी देखने को मिला और लोग मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए उमड़ पड़े. ग्रामीणों ने आस-पास लगे फूलों से सुन्दर गुलदस्ता तैयार कर उनका स्वागत किया.
सुशासन तिहार में सीएम साय: प्रदेश के मुखिया ने गांव के बीच स्थित महुआ के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई. सीएम ने चौपाल की शुरुआत भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारों के साथ की. गांव के सरपंच को अपने पास बिठाया और पंचायत में विकास कार्यों एवं जनहित की योजनाओं के क्रियान्वयन और समस्याओं की जानकारी ली. मुख्यमंत्री के आगमन की खबर पाकर आसपास के कोलियारी और कुवांरपुर पंचायत के साथ ही कई गांवों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण माथमौर पहुंचे थे. जिन्होंने अपनी समस्याएं और मांग मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सामने रखी.
नई बहुओं को भी महतारी वंदन योजना जल्द: इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने राशन दुकान संचालन, महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थिति पर ग्रामीणों से फीडबैक लेने के साथ ही उन्होंने महिलाओं से पूछा कि, क्या उन्हें हर महीने 1 हजार रुपये की राशि समय पर मिल रही है या नहीं इसकी भी जानकारी ली. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जो नवविवाहित महिलाएं इस योजना के पात्र हैं उन्हें भी जल्द महतारी वंदन योजना का लाभ मिलेगा. वहीं ग्राम सरपंचों को पीएम आवास के लिए पात्र परिवारों की सूची बनाकर भेजने के लिए कहा गया है.
कुवांरपुर में विद्युत उपकेंद्र की स्थापना: जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी सच्चाई जानने के साथ ही मुख्यमंत्री ने माथमौर और उसके आसपास के गांवों के लिए कई बड़ी घोषणाएं भी की. उन्होंने कुवांरपुर में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना की घोषणा के साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत फुलझर से चंदेला, तिलौली से दर्रीटोला, सनबोरा से पण्डो, कुवांरपुर से गाजर और पटपर टोला से चंदेला तक नई सड़कों के निर्माण कराए जाने की बात कही है.
मुख्यमंत्री में कुवांरपुर में नायब तहसीलदार कार्यालय के लिए भवन निर्माण की स्वीकृति भी दी और राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए बंदोबस्त कैंप आयोजित करने एसडीएम को निर्देश दिया. माथमौर में सामुदायिक भवन की भी स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीणों को सामाजिक आयोजनों और बैठकों के लिए एक स्थायी सुविधा मिल सकेगी.
जनकपुर में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल निर्माण की स्वीकृति: मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को यह भी बताया कि जनकपुर में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल का निर्माण की स्वीकृति भी मिल गई है. जिससे इस आदिवासी अंचल के लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा. इस दौरान उन्होंने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुवांरपुर में पढ़कर बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण हुए विद्यार्थियों को सम्मानित किया. मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके भविष्य की करियर प्लानिंग पर बात करते हुए गांव में स्कूल की व्यवस्था की जानकारी ली. इस मौके पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस. भी मौजूद थे.
सुशासन तिहार के तहत समाधान शिविर: वहीं मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड के ग्राम अमोरा में भी सुशासन तिहार के तहत समाधान शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने भाग लिया. इस समाधान शिविर में 14 ग्राम पंचायतों के 4182 आवेदनों का निराकरण किया गया. 344 शौचालयों की मंजूरी भी मिली.शिविर में विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को सहायता दी गई. मनरेगा के अंतर्गत 7 लोगों को पशु शेड निर्माण की मंजूरी मिली. 33 लोगों को नए जॉब कार्ड और 54 को नए राशन कार्ड दिए गए. 61 लोगों को पेंशन स्वीकृति पत्र वितरित किए गए. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3 लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चाबी सौंपी गई.
महतारी वंदन योजना के 2 हितग्राहियों को शॉल और श्रीफल दिए गए. शिक्षा विभाग ने 9 बच्चों को श्रवण यंत्र, लो विजन किट, ब्रेल लिपि किट, एमआर किट और व्हील चेयर वितरित किए. कृषि क्षेत्र में 6 किसानों को पावर स्प्रेयर दिया गया. 5 किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 1.80 लाख रुपए का चेक मिला. 10 किसानों को केसीसी के तहत 9.34 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत किया गया.
मुंगेली जिले के प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सोच है कि जनता को कोई परेशानी न हो. मुख्यमंत्री खुद समाधान शिविरों का निरीक्षण कर रहे हैं.