जमुई:- सांपों को लेकर आज भी अंधविश्वास की स्थिति कायम है. लोग सांप को देखकर उसे दूध पिलाने जाते हैं. कई लोग सांप को भगवान का अवतार भी समझ लेते हैं. कुछ ऐसा ही मामला जमुई जिले से सामने आया है, जहां लोगों को जब एक सांप दिखा, तो लोगों ने उसे भगवान का अवतार समझ लिया और उसकी पूजा करने और मंदिर बनाने की बात करने लगे. हालांकि जब सांप का रेस्क्यू किया गया और सांप की सच्चाई लोगों को पता चली, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई.
जाने कहां दिखा था यह खतरनाक सांप दरअसल यह मामला जमुई जिला के लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र का है, जहां बंगरडीह गांव के समीप पिछले कई दिनों से एक सांप देखे जाने की बात सामने आ रही थी और इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था. वीडियो सामने आने के बाद कुछ स्थानीय सपेरों ने सांप को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन सांप उनकी पकड़ में नहीं आ रहा था. यह देखकर लोगों को लगा कि यह सांप किसी को नुकसान भी नहीं पहुंचा रहा है और कोई इसे पकड़ भी नहीं पा रहा है, इसलिए यह साक्षात भगवान का स्वरूप है. इसके बाद ग्रामीण वहां मंदिर बनाने की बात करने लगे. हालांकि बाद में इसकी सूचना वन विभाग को दी गई और मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने सांप को पकड़ा.
खतरनाक सांप को किया गया रेस्क्यू मुंगेर से आए रेस्क्यू टीम के द्वारा आखिरकार सांप का रेस्क्यू किया गया और उसे पड़कर रेस्क्यू टीम अपने साथ ले गई. रेस्क्यू टीम के सदस्य निर्मल कुमार ने बताया कि जिस सांप का रेस्क्यू किया गया वह काफी खतरनाक है. यह किंग कोबरा के नाम से जाना जाता है. इसे गेहूंअन या सांपों का राजा भी कहते हैं. उन्होंने बताया कि लोग अक्सर अंधविश्वास में भूल कर बैठते हैं और सांप को दूध पिलाने चले जाते हैं. जबकि यह सांप एक मांसाहारी जीव है और यह दूसरे जीवों का शिकार कर अपना पेट भरता है.
ऐसे में अगर सांप ने किसी को काट लिया होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था. उन्होंने बताया कि इस सांप के काटने के बाद 20 मिनट से 1 घंटे के अंदर अगर इलाज नहीं मिला, तो निश्चित तौर पर लोगों की मौत हो जाती है. उन्होंने बताया कि पकड़े गए सांप को जंगली क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा. सांप निकालने के बाद यह बात पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया और लोगों में कौतूहल भी देखने को मिला.
