मध्यप्रदेश :– केन्द्र सरकार से संचालित योजनाओं के अमल में अव्वल मध्य प्रदेश ने प्रधानमंत्री आवास योजना के मामले में भी रिकॉर्ड बनाया है. सीएम डॉ मोहन यादव की नेतृत्व वाली सरकार के प्रयासों से प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में देश में अव्वल नंबर पर मध्य प्रदेश आ गया है. जबकि इसी योजना में शहरी आवासों में मध्य प्रदेश का देश में दूसरा नंबर है. ग्रामीण इलाको में प्रधानमंत्री आवास योजना में 37 लाख 98 हजार से ज्यादा आवास बनाए जाने का टारगेट था. जिसमें से 36 लाख से ज्यादा आवास बनाए जा चुके हैं.
मध्य प्रदेश में 41 लाख से ज्यादा मकानों को मिली मंजूरी
मध्य प्रदेश की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में 2023-24 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में एक वर्ष के अंतराल में 2 लाख 59 हजार मकानों का निर्माण किया गया. अब इस वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 3.68 लाख मकानों का लक्ष्य रखा गया था. जिसमें से 3 लाख 52 हजार मकानों को मंजूरी मिल गई है.
मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में 2016-17 में जब से ये योजना शुरू हुई है, तब से अब तक 41 लाख 67 हजार मकानों में से 41 लाख मकानों को मंजूरी दी जा चुकी है. 36 लाख मकान बनकर पूरे भी हो चुके हैं. इसके जरिए सीधे 6 लाख 13 हजार महिलाओं के अलावा 35 हजार से ज्यादा भूमिहीन परिवारों को लाभ मिला है. इसके अलावा 7 लाख 56 हजार अनुसूचित जाति परिवार और 15 लाख से ज्यादा अनुसूचित जनजाति परिवारों को लाभ मिला है.मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में आवास योजना की उपलब्धि पर कहा कि “मध्य प्रदेश इस योजना में अग्रणी राज्यों में शामिल है.”
मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना में ग्रामीण क्षेत्रों में दूसरे चरण के लिए सर्वे की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इसका लक्ष्य 2024-25 से लेकर 2028-29 तक पात्र परिवारों को उनकी पक्की छत उपलब्ध कराना है. इस दूसरे चरण में 31 मार्च तक नए नाम जोड़े जाएंगे. प्रधानमंत्री आवास योजना में ये सुविधा भी है कि आप मोबाइल से भी अपना आवेदन कर सकते हैं. इसमें सर्वेक्षण ग्राम पंचायत के सचिव के जरिए होगा. दूसरे चरण के सर्वेक्षण में भी अनुसूचित जाति और जनजाति के परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी.